UP Nikay Chunav: BJP ने मुस्लिम बहुल इलाकों में उतारे हैं 17 प्रत्याशी, आधी आबादी पर टिकी हैं उम्मीदें
Kanpur News: निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने मुस्लिम बहुल इलाकों में 17 प्रत्याशी उतारकर नया दांव खेला है। मुस्लिम समाज की आधी आबादी पर भाजपा की उम्मीदें टिकी हैं। कहा जा रहा है कि तीन तलाक, सामान्य दर्जा जैसे खामोश मुद्दे तस्वीर बदल सकते हैं।
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कानपुर निकाय चुनाव में पहली बार भाजपा ने अपने मुस्लिम बहुल इलाकों में 17 प्रत्याशी उतारे हैं। भाजपा ने जिन प्रत्याशियों को टिकट दिया है, वे सब पुरुष हैं लेकिन उम्मीदें समाज की महिला वोटरों पर टिकी हैं। तीन तलाक, सामान्य दर्जा जैसे खामोश मुद्दे अंदरखाने बड़ा खेल कर सकते हैं।
तीन तलाक के बाद मुस्लिम महिलाओं में भाजपा को लेकर दिलचस्पी पैदा हुई है। लेकिन यह दिलचस्पी वोटों में किस हद तक तब्दील हो सकती है, इसके लिए भाजपा अपनी ताकत झोंक रही है। इस स्थिति से सपा के कान खड़े हो गए हैं। सपा इसे अपना वोट बैंक मानती है।
आधी आबादी का रुख भाजपा की तरफ न घूमने पाए, इसके लिए बिसात बिछाई गई है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि तीन तलाक कानून का महिलाओं ने स्वागत किया था। तलाक के मामलों पर इससे अंकुश लगा है। मुस्लिम महिलाओं का रुझान भाजपा की तरफ बढ़ता देखकर समाज के तबके ने इसका विरोध किया।
मुस्लिम महिलाएं अब तक हैं चुप्प
इसके साथ ही कुछ समाजसेवी महिलाओं को भी इस मामले में आगे किया, लेकिन आम मुस्लिम महिला ने इस पर अब तक चुप्पी साधे रखी है। चमनगंज की यासमीन और रुखसाना का कहना है कि कुछ बोलने में घर के अंदर ही खलफसार पैदा हो जाएगा।
शुऐब खान बोलीं- हम लोगों तक इन मुद्दों को लेकर जा रहे हैं
हालांकि, तलाक की तकलीफ वही समझ सकता है, जिसकी बेटी तलाक के बाद घर आकर बैठ जाती है। वहीं, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिला मंत्री शुऐब खान का कहना है कि वे इन मुद्दों को लेकर समाज की महिलाओं के पास जा रहे हैं। उन्हें रिस्पांस भी अच्छा मिल रहा है।
भाजपा के हक में बढ़ेगा मुस्लिम वोटों का प्रतिशत
यह भी तय है कि इस बार भाजपा के हक में मुस्लिम वोटों का प्रतिशत बढ़ेगा। विभिन्न दलों को छोड़कर मुस्लिम भाजपा में आए हैं। सपा के नगर ग्रामीण इकाई के जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ला का कहना है कि तीन तलाक मुद्दा नहीं बनेगा। मुस्लिम महिलाएं सपा के साथ हैं।