फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   UP News : fraud worth lakhs in atmanirbhar bharat rozgar yojna

Fraud : आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना में लाखों का घोटाला, फर्जी कंपनियां बनाकर निकाले पीएफ के 57 लाख

Sat, 27 Aug 2022 06:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमित अवस्थी, कानपुर
अमित अवस्थी, कानपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 27 Aug 2022 06:13 AM IST
सार

UP News :   क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय कानपुर रीजन से जुड़े 600 प्रतिष्ठानों को संदिग्ध सूची में डालकर इनके किसी भी प्रकार के दावे पर रोक लगा दी गई है। कानपुर में दो फर्जी कंपनियों के जरिए करीब 57 लाख रुपये पीएफ से निकाल लिए गए हैं।

विज्ञापन
UP News :  fraud worth lakhs in atmanirbhar bharat rozgar yojna
demo pic... - फोटो : istock

विस्तार

सरकार की ओर से कोरोना काल में औद्योगिक इकाइयों में काम करने वालों की नौकरी बचाने और नई इकाइयों को पीएफ अंशदान में मदद के लिए शुरू की गई आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय कानपुर रीजन से जुड़े 600 प्रतिष्ठानों को संदिग्ध सूची में डालकर इनके किसी भी प्रकार के दावे पर रोक लगा दी गई है।

विज्ञापन


कानपुर में दो फर्जी कंपनियों के जरिए करीब 57 लाख रुपये पीएफ से निकाल लिए गए हैं। संबंधित कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के साथ ही मामले और भी बढ़ सकते हैं। फर्जी कंपनियों के जरिए हुए फर्जीवाड़ा की पुष्टि क्षेत्रीय आयुक्त ने की है।     
विज्ञापन


कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के दौरान औद्योगिक इकाइयों ने अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया था। पीएफ जमा करना तक बंद कर दिया था। ऐसी इकाइयों के अलावा नई इकाइयों को राहत देने और लोगों की नौकरी बचाने के लिए केंद्र सरकार ने आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना को एक अक्तूबर 2020 को शुरू किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोविड महामारी के दौरान सामाजिक सुरक्षा लाभ और रोजगार के नुकसान की भरपाई के साथ-साथ नए रोजगार के सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना थी। इसमें बड़े पैमाने पर नई कंपनियों ने पंजीकरण कराया था। योजना का अच्छा असर देखते हुए पंजीकरण की अंतिम तारीख 30 जून 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दी गई थी। 

सूत्रों ने बताया कि शहर के दर्शनपुरवा स्थित मेसर्स नवरून चैरिटेबल फाउंडेशन ने जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 तक करीब 84 लाख का अपफ्रंट लाभ लिया है। जांच में पता चला कि इस प्रतिष्ठान ने 320 दावों के जरिए 45 लाख रुपये की पीएफ निकासी की। प्रतिष्ठान में कर्मचारी फर्जी दिखाए गए। इसी तरह मेसर्स दीपक ठेकेदार ने दिसंबर 2020 से दिसंबर 2021 तक 42 लाख का अपफ्रंट लाभ लिया है। जबकि प्रतिष्ठान के पास कोई वर्क आर्डर नहीं है।

104 दावों के जरिए 12 लाख रुपये की निकासी की गई। इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद रीजन के सभी 14 जिलों के कार्यालयों में जांच की गई तो अब तक 600 प्रतिष्ठान संदिग्ध मिले हैं। इनके सभी दावों को रोक कर भौतिक सत्यापन के निर्देश प्रवर्तन अफसरों को दिए गए हैं। इसके अलावा विभाग के उच्च अफसरों, विजिलेंस को भी सारी जानकारी दे दी गई है। इन कंपनियों की छानबीन करके दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का अंशदान सरकार दे रही 
कानपुर। एबीआरवाई योजना में सरकार नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का अंशदान कुल 24 फीसदी जमा कर रही थी। अमूमन पीएफ विभाग के नियमों के अनुसार सैलरी का 12 फीसदी पीएफ अंशदान नियोक्ता की ओर से जमा किया जाता है। और 12 फीसदी हिस्सा कर्मचारी के हिस्से से कटकर जमा होता है।

कानपुर रीजन में यह जिले हैं शामिल
कानपुर। कानपुर नगर, कानपुर देहात, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, झांसी, ललितपुर, जालौन, इटावा, औरैया,कन्नौज, फर्रुखाबाद।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed