फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   UP: IIT will make Kanpur and many other cities smart with the help of AI

UP: एआई की मदद से कानपुर समेत कई शहरों को स्मार्ट बनाएगा आईआईटी

Wed, 04 Dec 2024 01:35 PM IST
शिखा पांडेय शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 04 Dec 2024 01:35 PM IST
सार

आईआईटी कानपुर में एआई इन सस्टेनेबल सिटी उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना हुई। चार प्रमुख बिंदुओं पर काम होगा। अन्य शैक्षणिक संस्थान पार्टनर के रूप में शामिल हैं।

विज्ञापन
UP: IIT will make Kanpur and many other cities smart with the help of AI
आईआईटी कानपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका एआई अब शहरों को भी स्मार्ट बनाने में मदद करेगा। आईआईटी इसकी सहायता से कानपुर समेत कई शहरों की दशा सुधारने के साथ चुनौतियों का समाधान करेगा। इसके लिए संस्थान में एआई इन सस्टेनेबल सिटी उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की गई है। इसमें एनर्जी, अर्बन मोबिलिटी, मॉनिटरिंग और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में काम होगा। आने वाले कुछ सालों के भीतर शहरों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
विज्ञापन


केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय मेक एआई इन इंडिया, मेक एआई वर्क फॉर इंडिया के तहत एआई इन हेल्थ, एआई इन एग्रीकल्चर और एआई इन सस्टेनेबल सिटी पर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रहा है। एआई इन सस्टेनेबल सिटी की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर को मिली है। आईआईटी में स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी के डीन प्रोफेसर सच्चिदानंद त्रिपाठी इसके प्रोजेक्ट डाइरेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर के साथ आईआईएससी बंगलूरू, आईआईटी गांधीनगर, हैदराबाद, कालीकट एकेडमिक पार्टनर के रूप में शामिल हैं।
विज्ञापन


ऐसे होगा काम
एनर्जी : इसके तहत चार बिंदुओं पर कार्य किया जाएगा। सीएनजी, पीएनजी की मांग व आपूर्ति पर काम होगा। अहमदाबाद के डाटा पर एआई मॉडल विकसित किया जा रहा है। कोशिश होगी कि मांग का पहले से ही पूर्वानुमान किया जाए, जिससे सप्लाई में बाधा न आए। लॉजिस्टिक, इलेक्ट्रिक सप्लाई और फॉल्ट डिटेक्शन मॉडल भी तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मॉनिटरिंग : इसमें वायु गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे पर काम हो रहा है। वायु गुणवत्ता के लिए डाटा निकालना सबसे बड़ी समस्या है, इसके लिए स्वदेशी सेंसर तैयार किए जा रहे हैं। इससे हवा खराब होने का कारण और स्रोत का पता चल सकेगा। इसके अलावा हाई रेजोल्यूशन कैमरों के साथ ड्रोन तैयार हो रहे हैं जो आधारभूत संरचना में आ रही दरारों की जानकारी देंगे।

अर्बन मोबिलिटी : इसमें रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट के साथ मेट्रो या अन्य वाहनों का समय पता चलेगा। इसके अलावा शहर में कहीं वीवीआईपी मूवमेंट हो रहा है, उसकी जानकारी भी मिलेगी, ताकि लोगों को जाम में न फंसना पड़े। पुणे में एप तैयार किया गया है, जिसका दो लाख लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनको रियल टाइम अपडेट मिलती है।


ई-गवर्नेंस : इसकी मदद से ऑनलाइन शिकायत स्वत: ही संबंधित विभाग के पास चली जाएगी। इससे लोगों को निस्तारण के लिए इधर उधर भटकना नहीं होगा। कई बार होता है कि एक शिकायत दो विभागों के बीच ही झूलती रहती है। इससे निजात मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed