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UP: कोलेस्ट्राल घटाने के चक्कर में बिगड़ रहा हार्मोंस का संतुलन, कमजोर हो रही हैं अस्थियां
Mon, 05 Jan 2026 01:04 PM IST
शिखा पांडेय
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:04 PM IST
सार
एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होने से बांझपन व नपुंसकता की दिक्कत हो सकती है। 1000 रोगियों का ब्योरा दो साल में हैलट में इकट्ठा किया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोलेस्ट्राल घटाने के चक्कर में लोग हार्मोंस का संतुलन बिगाड़ ले रहे हैं। टोटल कोलेस्ट्राल कम करने में अच्छा कोलेस्ट्राल एचडीएल भी कम हो जा रहा है। इससे अस्थियां कमजोर हो रही हैं। शरीर की ताकत कम हो जाती है। महिलाओं में बांझपन और पुरुषों का स्पर्म काउंट कम हो सकता है। हैलट में आए ऐसे एक हजार रोगियों की हिस्ट्री के अध्ययन में कोलेस्ट्राल की कमी पाई। महिलाओं में एस्ट्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी हो जाती है।
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शरीर में स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण, विटामिन डी, एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोंस और भोजन पचाने के लिए पित्त निर्माण के लिए कोलेस्ट्राल की जरूरत होती है। हृदय रोगियों के साथ ही आम व्यक्ति भी जांच में कोलेस्ट्राल बढ़ा होने पर दवाएं लेने लगते हैं। टोटल कोलेस्ट्राल घटाने पर खराब के साथ अच्छा कोलेस्ट्राल घट जाता है। इससे नई मुसीबत खड़ी हो जाती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. फहीम अंसारी ने बताया कि दो साल में इस दिक्कत के 1000 रोगी आए हैं।
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उन्होंने बताया कि रोगियों का आंकड़ा तैयार किया गया है। लो कोलेस्ट्राल की दिक्कत 40 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में अधिक बढ़ रही है। इसकी वजह से महिलाओं में जल्दी रजोनिवृत्ति हो जाती है। पुरुषों का स्पर्म काउंट घट सकता है और नपुसंकता आती है। साथ ही अस्थि रोग बढ़ने लगते हैं। जो रोगी उनके पास आए, वे मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, हड्डियों को जोड़ों और कमर में दर्द आदि समस्या लेकर आए थे। जांच कराई गई तो उनके लो एचडीएल कोलेस्ट्राल निकला है। टोटल कोलेस्ट्राल 300 के नीचे था।
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अच्छा कोलेस्ट्राल बढ़ाएं, खराब घटाएं
एनर्जी ड्रिंक, जंक फूड, मिठाई, शराब आदि से खराब कोलेस्ट्राल एलडीएल बनता है। इससे कार्टिसोल बनता है जिससे नींद खराब होती है। इससे हार्मोंस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अच्छा कोलेस्ट्राल एचडीएल बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम करें। जैतून का तेल, बादाम, अखरोट, अलसी चिया के बीज, फैटी मछली, ओट्स, सेब, खट्टे फल और फलियां लें। गाय का घी खा सकते हैं। वजन नियंत्रित रखें।
कोलेस्ट्राल करता है यह कार्य
कोलेस्ट्राल कोशिकाओं की स्वस्थ झिल्ली बनाता है। स्टेरॉयड हार्मोंस-एस्ट्रोजन, टेस्टोस्टेरोन और कार्टिसोल बनाता है। शरीर की विटामिन डी बनाने में मदद करता है।
इसलिए भी होता है लो कोलेस्ट्राल
कुपोषण, अपौष्टिक आहार का सेवन, कुछ जेनेटिक बीमारियां, लिवर रोग, थॉयराइड की समस्या और गंभीर बीमारी आदि।
लो कोलेस्ट्राल से हो सकतीं ये दिक्कतें
अवसाद, एंजाइटी, नर्वसनेस, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित न होना, उग्रता, हेमरेजिक ब्रेन स्ट्रोक, मस्तिष्क में खून का रिसाव, समय के पहले प्रसव, कम वजन का बच्चा, थकान, हार्ट फेल आदि।