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ट्रिपल मर्डर: पत्नी और दो बच्चों के हत्यारोपी डॉ. सुशील की गंगा में मिली लाश, परिजनों ने की शिनाख्त
Sun, 12 Dec 2021 02:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 12 Dec 2021 02:17 PM IST
सार
कानपुर में बीते तीन दिसंबर को पत्नी और दो बच्चों की बेरहमी से हत्या करने वाले डॉक्टर सुशील का शव घटना के दस दिन बाद गंगा नदी से सिद्धनाथ घाट से बरामद हुआ है। मोबाइल, आधार कार्ड, पैनकार्ड भी उसके पास से मिला है।
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triple murder: पत्नी चंद्रप्रभा और दो बच्चों की हत्या करने वाले डॉक्टर सुशील का शव बरामद
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में पत्नी और बच्चों की हत्या करने वाले सनकी डॉक्टर सुशील कुमार ने खुदकुशी की थी। जल पुलिस ने वारदात के दस दिन बाद रविवार दोपहर सिद्धनाथ घाट के पास बीच गंगा नदी से डॉक्टर का शव बरामद किया। उसके पास से आधा कार्ड, मोबाइल, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज मिले।
जिससे पुलिस ने उसकी शिनाख्त की। परिजनों ने भी शव की पहचान कर ली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कल्याणपुर स्थित डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट निवासी डॉ. सुशील ने तीन दिसंबर को पत्नी चंद्रप्रभा, बेटे शिखर व बेटी खुशी की हत्या कर दी थी।
फिर पैदल ही घर से फरार हो गया था। एक नोट घर पर छोड़ गया था, जिसमें लिखा था कि वह कोरोना की वजह से डिप्रेशन में है। इसलिए खुद के मरने से पहले परिवार को मार रहा हूं। जिससे उनको कष्ट न हो। इस नोट के मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज से डॉक्टर की अटल घाट पर होने की पुष्टि हुई थी।
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जिससे पुलिस ने उसकी शिनाख्त की। परिजनों ने भी शव की पहचान कर ली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कल्याणपुर स्थित डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट निवासी डॉ. सुशील ने तीन दिसंबर को पत्नी चंद्रप्रभा, बेटे शिखर व बेटी खुशी की हत्या कर दी थी।
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फिर पैदल ही घर से फरार हो गया था। एक नोट घर पर छोड़ गया था, जिसमें लिखा था कि वह कोरोना की वजह से डिप्रेशन में है। इसलिए खुद के मरने से पहले परिवार को मार रहा हूं। जिससे उनको कष्ट न हो। इस नोट के मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज से डॉक्टर की अटल घाट पर होने की पुष्टि हुई थी।
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उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन सरसैया घाट थी। तब से पुलिस लगातार गंगा में सर्च अभियान चला रही थी। डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति के नेतृत्व में जल पुलिस व गोताखोरों की टीम रविवार को भी शव की तलाश कर रही थी।
दोपहर करीब 12 बजे सिद्धनाथ घाट के पास बीच गंगा में जल पुलिस के सिपाही मोती व गोताखोर अर्जुन निषाद व दीपक गुप्ता को शव दिखा। शव बाहर निकाला गया। शव के जैकेट व पैंट की जेब की तलाशी लेने पर सभी दस्तावेज मिले। जिससे सुशील के शव की पुष्टि हुई। कुछ ही देर में सुशील व चंद्रप्रभा के परिजन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी शव की पहचान कर ली।
दोपहर करीब 12 बजे सिद्धनाथ घाट के पास बीच गंगा में जल पुलिस के सिपाही मोती व गोताखोर अर्जुन निषाद व दीपक गुप्ता को शव दिखा। शव बाहर निकाला गया। शव के जैकेट व पैंट की जेब की तलाशी लेने पर सभी दस्तावेज मिले। जिससे सुशील के शव की पुष्टि हुई। कुछ ही देर में सुशील व चंद्रप्रभा के परिजन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी शव की पहचान कर ली।
जेब में मिली नींद की गोलियां
जैकेट की जेब में तीन पत्ते नींद की गोलियां (क्लोज 0.5) मिलीं। साथ ही मोबाइल, डेबिट कार्ड, कार की चाबी के अलावा गीतांजलि सॉल्यूशन का एक विजिटिंग कार्ड मिला है। पुलिस ने सभी दस्तावेज और मोबाइल सील कर दिया है। जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
डीएनए टेस्ट कराया जाएगा
शव दस दिन पुराना है। पूरी तरह से सड़ चुका है। इसी कारण गोताखोर उसको उठाकर स्टीमर में डाल नहीं सके। एक कपड़े को उसमें बांधकर किसी तरह से नदी के किनारे पर लाए। डीसीपी पश्चिम का कहना है कि परिजनों ने शव की पहचान कर ली है। लेकिन, किसी तरह की कोई गुंजाइश न रहे और भविष्य में कोई सवाल न बाकी हो इसलिए डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। इससे पूरी तरह से मुहर लग जाएगी।
जैकेट की जेब में तीन पत्ते नींद की गोलियां (क्लोज 0.5) मिलीं। साथ ही मोबाइल, डेबिट कार्ड, कार की चाबी के अलावा गीतांजलि सॉल्यूशन का एक विजिटिंग कार्ड मिला है। पुलिस ने सभी दस्तावेज और मोबाइल सील कर दिया है। जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
डीएनए टेस्ट कराया जाएगा
शव दस दिन पुराना है। पूरी तरह से सड़ चुका है। इसी कारण गोताखोर उसको उठाकर स्टीमर में डाल नहीं सके। एक कपड़े को उसमें बांधकर किसी तरह से नदी के किनारे पर लाए। डीसीपी पश्चिम का कहना है कि परिजनों ने शव की पहचान कर ली है। लेकिन, किसी तरह की कोई गुंजाइश न रहे और भविष्य में कोई सवाल न बाकी हो इसलिए डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। इससे पूरी तरह से मुहर लग जाएगी।