{"_id":"8978fea84c5fb1f15442c1b444f7258c","slug":"up-bjp-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुबे-शुक्ला की लड़ाई में बाजी मार गए विश्नोई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुबे-शुक्ला की लड़ाई में बाजी मार गए विश्नोई
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 21 Mar 2015 03:17 AM IST
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खास लोगों में शामिल पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा का 22 मार्च को प्रस्तावित कानपुर दौरा फिर चर्चा में है।
इससे पहले फरवरी में उनका कार्यक्रम बना था, लेकिन महानगर में उनके चहेते दो नेताओं वीरेंद्र दुबे और विवेकशील शुक्ला की आपसी अनबन के चलते उनका आना टल गया था लेकिन इस बार सब कुछ फाइनल है, बस मेजबान बदल गए हैं।
विधायक सलिल विश्नोई अपने विधानसभा क्षेत्र में होली मिलन समारोह आयोजित कर रहे हैं, इसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का आना तय है। प्रदेश भाजपा राजनीति में इस समय दिनेश शर्मा सबसे चर्चित नाम है। यही वजह है कि उनसे नजदीकी बनाने के लिए हर छोटे से लेकर बड़ा नेता तक लगा हुआ है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि यूपी में लोकसभा चुनाव के दौरान दिनेश शर्मा की कार्यशैली से अमित शाह काफी प्रभावित हुए थे, यही वजह है कि पहले उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का ओहदा मिला फिर उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी भी बना दिया गया। भाजपा के स्थानीय नेता वीरेंद्र दुबे की दिनेश शर्मा से पहचान काफी पुरानी है।
यही वजह है कि वह फरवरी में किदवई नगर क्षेत्र के एक कार्यक्रम में उन्हें बुलाना चाह रहे थे। कार्यक्रम भी तय हो गया था, लेकिन पार्टी ने कार्यक्रम की जिम्मेदारी इस विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी विवेकशील शुक्ला को दे दी।
यहीं से अनबन शुरू हो गई और दोनों इस बात को लेकर अड़ गए थे कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उनके बुलावे पर आ रहे है। विवाद की जानकारी मिलने पर दिनेश शर्मा ने अपना कार्यक्रम रद कर दिया था।
विज्ञापन
इससे पहले फरवरी में उनका कार्यक्रम बना था, लेकिन महानगर में उनके चहेते दो नेताओं वीरेंद्र दुबे और विवेकशील शुक्ला की आपसी अनबन के चलते उनका आना टल गया था लेकिन इस बार सब कुछ फाइनल है, बस मेजबान बदल गए हैं।
विज्ञापन
विधायक सलिल विश्नोई अपने विधानसभा क्षेत्र में होली मिलन समारोह आयोजित कर रहे हैं, इसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का आना तय है। प्रदेश भाजपा राजनीति में इस समय दिनेश शर्मा सबसे चर्चित नाम है। यही वजह है कि उनसे नजदीकी बनाने के लिए हर छोटे से लेकर बड़ा नेता तक लगा हुआ है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि यूपी में लोकसभा चुनाव के दौरान दिनेश शर्मा की कार्यशैली से अमित शाह काफी प्रभावित हुए थे, यही वजह है कि पहले उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का ओहदा मिला फिर उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी भी बना दिया गया। भाजपा के स्थानीय नेता वीरेंद्र दुबे की दिनेश शर्मा से पहचान काफी पुरानी है।
यही वजह है कि वह फरवरी में किदवई नगर क्षेत्र के एक कार्यक्रम में उन्हें बुलाना चाह रहे थे। कार्यक्रम भी तय हो गया था, लेकिन पार्टी ने कार्यक्रम की जिम्मेदारी इस विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी विवेकशील शुक्ला को दे दी।
यहीं से अनबन शुरू हो गई और दोनों इस बात को लेकर अड़ गए थे कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उनके बुलावे पर आ रहे है। विवाद की जानकारी मिलने पर दिनेश शर्मा ने अपना कार्यक्रम रद कर दिया था।