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सीएसए में प्रमोशन के लिए अयोग्य शिक्षकों का भी इंटरव्यू
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 21 Feb 2015 02:19 AM IST
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अयोग्य शिक्षकों के प्रमोशन और सीधी भर्ती के इंटरव्यू कराए गए हैं। इसका खुलासा एक्सपर्ट पैनल की उस स्क्रीनिंग रिपोर्ट से हुआ है, जिसमें एक्सपर्ट ने संबंधित शिक्षकों को अयोग्य मानते हुए प्रमोशन के लिए नॉट रिकमेंडेड लिखकर भेजा था।
इसके बावजूद शिक्षकों को इंटरव्यू के लिए कॉल किया गया। इंटरव्यू कराके असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर प्रमोशन की सहमति दे दी है। हालांकि इंटरव्यू का रिजल्ट अभी घोषित नहीं हुआ है। इस पर राज्यपाल राम नाईक ने रोक लगा रखी है।
इस लिस्ट में रजिस्ट्रार डॉ. पीएन यादव का नाम भी शामिल है। डॉ. पीएन यादव को तीनों एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है।
कृषि विश्वविद्यालय में 75 शिक्षकों की सीधी भर्ती और प्रमोशन का ठेका लेने वाली ‘मैडम’ और कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह पर लगे आरोपों की जांच-पड़ताल चल ही रही है कि एक और गंभीर मामला सामने आ गया है। ताजा मामला योग्य और अयोग्य शिक्षकों का है।
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राज्यपाल के एक्सपर्ट पैनल की जो स्क्रीनिंग रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है, उसके मुताबिक फिशरिज के डॉ. एके चौहान का प्रमोशन दो एक्सपर्ट और स्वायल साइंस एंड एग्रीकल्चर केमिस्ट्री के डॉ. आरपी पांडेय को तीनों एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है।
एनीमल हसबैंड्री के डॉ. तेज प्रकाश को दो एक्सपर्ट ने रिजेक्ट किया है। एग्रीकल्चर बायोकेमिस्ट्री के डॉ. लालू सिंह को एक एक्सपर्ट और स्वायल कंजरवेशन एंड वाटर मैनेजमेंट के डॉ. जीएस परिहार, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. पीएन यादव को तीनों एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है।
इसी डिपार्टमेंट के डॉ. एससी कटियार और डॉ. जीआर गुप्ता को दो-दो एक्सपर्ट ने रिजेक्ट किया है। जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के डॉ. ब्रह्म सिंह और डॉ. डीएन भारद्वाज को एक-एक एक्सपर्ट, डॉ. एसपी सचान, डॉ. एनएस शुक्ला, डॉ. विजय शंकर सिंह और डॉ. सुरेश चंद्र राजपूत को दो-दो एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है।
एनाटॉमी डिपार्टमेंट के डॉ. कृपाशंकर को तीनों एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है। इसी डिपार्टमेंट के डॉ. धर्म राज सिंह और डॉ. यशपाल मलिक को भी एक-एक एक्सपर्ट ने रिजेक्ट किया है। हार्टिकल्चर के डॉ. एके सिंह और डॉ. वीके शर्मा को तीनों एक्सपर्ट और डॉ. एसएस यादव को दो एक्सपर्ट ने नॉट रिमेंडेड रिमार्क किया है।
एग्रोनॉमी डिपार्टमेंट के डॉ. धूम सिंह, डॉ. जयदीप सिंह और डॉ. अशोक कुमार सिंह को दो-दो एक्सपर्ट और डॉ. आरएस बघेल और डॉ. ब्रह्म सिंह को एक-एक एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं पाया है लेकिन इन सभी के इंटरव्यू प्रमोशन के लिए करा दिए गए हैं। स्क्रीनिंग की यह रिपोर्ट ताजा है। इसके बाद कोई स्क्रीनिंग नहीं हुई है।
जो शिक्षक प्रमोशन के मानक पर खरे नहीं उतरते हैं, उन्हें दोबारा मौका दिया जाता है। यदि सारे मानक पूरे होते हैं तो इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाता है। यह सतत प्रक्रिया है। आईसीएआर का नियम भी है। इन मामले में भी ऐसा हुआ होगा। एक्सपर्ट की रिपोर्ट अभी नहीं देखी है। निदेशक का कार्यभार अभी कुछ दिन पहले ही संभाला है। पूरी रिपोर्ट देखने के बाद ही टिप्पणी की जा सकेगी।
डॉ. डीआर सिंह, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एंड मानीटरिंग (डैम)
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इसके बावजूद शिक्षकों को इंटरव्यू के लिए कॉल किया गया। इंटरव्यू कराके असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर प्रमोशन की सहमति दे दी है। हालांकि इंटरव्यू का रिजल्ट अभी घोषित नहीं हुआ है। इस पर राज्यपाल राम नाईक ने रोक लगा रखी है।
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इस लिस्ट में रजिस्ट्रार डॉ. पीएन यादव का नाम भी शामिल है। डॉ. पीएन यादव को तीनों एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है।
कृषि विश्वविद्यालय में 75 शिक्षकों की सीधी भर्ती और प्रमोशन का ठेका लेने वाली ‘मैडम’ और कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह पर लगे आरोपों की जांच-पड़ताल चल ही रही है कि एक और गंभीर मामला सामने आ गया है। ताजा मामला योग्य और अयोग्य शिक्षकों का है।
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राज्यपाल के एक्सपर्ट पैनल की जो स्क्रीनिंग रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है, उसके मुताबिक फिशरिज के डॉ. एके चौहान का प्रमोशन दो एक्सपर्ट और स्वायल साइंस एंड एग्रीकल्चर केमिस्ट्री के डॉ. आरपी पांडेय को तीनों एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है।
एनीमल हसबैंड्री के डॉ. तेज प्रकाश को दो एक्सपर्ट ने रिजेक्ट किया है। एग्रीकल्चर बायोकेमिस्ट्री के डॉ. लालू सिंह को एक एक्सपर्ट और स्वायल कंजरवेशन एंड वाटर मैनेजमेंट के डॉ. जीएस परिहार, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. पीएन यादव को तीनों एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है।
इसी डिपार्टमेंट के डॉ. एससी कटियार और डॉ. जीआर गुप्ता को दो-दो एक्सपर्ट ने रिजेक्ट किया है। जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के डॉ. ब्रह्म सिंह और डॉ. डीएन भारद्वाज को एक-एक एक्सपर्ट, डॉ. एसपी सचान, डॉ. एनएस शुक्ला, डॉ. विजय शंकर सिंह और डॉ. सुरेश चंद्र राजपूत को दो-दो एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है।
एनाटॉमी डिपार्टमेंट के डॉ. कृपाशंकर को तीनों एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं माना है। इसी डिपार्टमेंट के डॉ. धर्म राज सिंह और डॉ. यशपाल मलिक को भी एक-एक एक्सपर्ट ने रिजेक्ट किया है। हार्टिकल्चर के डॉ. एके सिंह और डॉ. वीके शर्मा को तीनों एक्सपर्ट और डॉ. एसएस यादव को दो एक्सपर्ट ने नॉट रिमेंडेड रिमार्क किया है।
एग्रोनॉमी डिपार्टमेंट के डॉ. धूम सिंह, डॉ. जयदीप सिंह और डॉ. अशोक कुमार सिंह को दो-दो एक्सपर्ट और डॉ. आरएस बघेल और डॉ. ब्रह्म सिंह को एक-एक एक्सपर्ट ने प्रमोशन के योग्य नहीं पाया है लेकिन इन सभी के इंटरव्यू प्रमोशन के लिए करा दिए गए हैं। स्क्रीनिंग की यह रिपोर्ट ताजा है। इसके बाद कोई स्क्रीनिंग नहीं हुई है।
जो शिक्षक प्रमोशन के मानक पर खरे नहीं उतरते हैं, उन्हें दोबारा मौका दिया जाता है। यदि सारे मानक पूरे होते हैं तो इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाता है। यह सतत प्रक्रिया है। आईसीएआर का नियम भी है। इन मामले में भी ऐसा हुआ होगा। एक्सपर्ट की रिपोर्ट अभी नहीं देखी है। निदेशक का कार्यभार अभी कुछ दिन पहले ही संभाला है। पूरी रिपोर्ट देखने के बाद ही टिप्पणी की जा सकेगी।
डॉ. डीआर सिंह, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एंड मानीटरिंग (डैम)