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उन्नाव दुष्कर्म कांड: ट्रक क्लीनर का मोबाइल गायब, सीबीआई ने छह घंटे चलाया सर्च ऑपरेशन
Wed, 14 Aug 2019 09:57 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 14 Aug 2019 09:57 PM IST
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उन्नाव कांड
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता की कार को गत 28 जुलाई को कानपुर हाईवे पर पर सुल्तानपुर खेड़ा गांव के पास टक्कर मारने वाले ट्रक के क्लीनर का गुम हुआ मोबाइल अब तक बरामद नहीं हो सका है। सीबीआई टीम ने बुधवार को फिर घटनास्थल पर पहुंचकर छह घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
सीबीआई का प्रयास है कि पहले क्लीनर का मोबाइल बरामद कर कॉल डिटेल चेक की जाए, कि कहीं दुष्कर्म के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके साथियों ने तो उसे कोई फोन नहीं किया था। सीबीआई जांच कर रही है कि यह एक हादसा था, या फिर किसी साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया। सीबीआई अब तक घटनास्थल का दस से ज्यादा बार दौरा कर चुकी है।
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सीबीआई का प्रयास है कि पहले क्लीनर का मोबाइल बरामद कर कॉल डिटेल चेक की जाए, कि कहीं दुष्कर्म के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके साथियों ने तो उसे कोई फोन नहीं किया था। सीबीआई जांच कर रही है कि यह एक हादसा था, या फिर किसी साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया। सीबीआई अब तक घटनास्थल का दस से ज्यादा बार दौरा कर चुकी है।
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जिस समय पीड़िता की कार व ट्रक में टक्कर हुई, उस समय ट्रक क्लीनर मोहन श्रीवास के पास सफेद रंग का मोबाइल था। घटना के बाद से क्लीनर का मोबाइल नहीं मिल रहा है। सीबीआई ने क्लीनर से भी इस बारे में पूछताछ की, लेकिन वह इसका सही जवाब नहीं दे सका।
सीबीआई की टीम ने उस रास्ते पर भी सर्च अभियान चलाया, जहां से ट्रक चालक और क्लीनर भागे थे, लेकिन मोबाइल बरामद नहीं हो सका। सीबीआई ने विवेचक राकेश सिंह और अटौरा चौकी इंचार्ज कमलेश बहादुर सिंह से भी घटना के बारे में जानकारी ली।
सीबीआई की टीम ने उस रास्ते पर भी सर्च अभियान चलाया, जहां से ट्रक चालक और क्लीनर भागे थे, लेकिन मोबाइल बरामद नहीं हो सका। सीबीआई ने विवेचक राकेश सिंह और अटौरा चौकी इंचार्ज कमलेश बहादुर सिंह से भी घटना के बारे में जानकारी ली।
प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारी को दी गई सुरक्षा
उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने वाले ग्राम विकास अधिकारी को शासन ने सुरक्षा दे दी है। ऊंचाहार ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी राम बहादुर यादव पूर्व में सरेनी ब्लॉक के सरायखेड़ा गांव में तैनात थे, जहां पीड़िता का ननिहाल है।
दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़िता की उम्र को लेकर राम बहादुर ने ही प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसके आधार पर मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई थी। सीओ डलमऊ आरपी शाही ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी को सुरक्षा दे दी गई है।
उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने वाले ग्राम विकास अधिकारी को शासन ने सुरक्षा दे दी है। ऊंचाहार ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी राम बहादुर यादव पूर्व में सरेनी ब्लॉक के सरायखेड़ा गांव में तैनात थे, जहां पीड़िता का ननिहाल है।
दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़िता की उम्र को लेकर राम बहादुर ने ही प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसके आधार पर मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई थी। सीओ डलमऊ आरपी शाही ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी को सुरक्षा दे दी गई है।