उन्नाव कांड: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डीएम ने दुष्कर्म पीड़िता की मां को भेजा 25 लाख का चेक
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शीर्ष अदालत के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने आनन फानन में धनराशि जारी करने के निर्देश दिए। गुरुवार शाम जिला प्रशासन ने चेक जारी कर दिया। डीएम देवेंद्र पांडेय ने बताया कि पीड़िता की मां के नाम से 25 लाख रुपये का चेक लखनऊ के डीएम को भेजा है। क्योंकि इस समय पीड़िता का लखनऊ के ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है। उनकी मां व परिवार के लोग वहीं मौजूद हैं।
4 जून 2017 को माखी गांव से एक 17 साल की किशोरी को गांव के ही शुभम व उसका साथी कानपुर के चौबेपुर निवासी अवधेश तिवारी अगवा कर ले गए थे। करीब आठ महीने बाद किशोरी मिली तो उसने आपबीती बताई। पीड़िता की मां की गुहार पर भी माखी थाने में कार्रवाई नहीं हुई।
तहरीर में पीड़िता की मां ने गांव के ही रहने वाले विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर और पड़ोस की एक महिला शशि सिंह के जरिए बहाने से घर बुलाकर रेप और इसके बाद उसके गुर्गों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। जिसके बाद से सीबीआई इस मामले की जांच कर रही थी।
ट्रक की टक्कर के बाद से नाजुक है पीड़िता की हालत
28 जुलाई 2019 रविवार को रायबरेली जेल में बंद चाचा से मिलने दुष्कर्म पीड़िता किशाेरी चाची मौसी और अपने वकील के साथ जा रही थी। रास्ते में एक ट्रक ने किशोरी की कार में टक्कर मार दी। जिससे किशोरी और वकील गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि चाची और मौसी की मौत हो गई। इसके बाद से एक बार फिर उन्नाव कांड सुलग उठा है। इस मामले में कुलदीप सेंगर पर कार्रवाई करते हुए भाजपा ने निलंबन के बाद पार्टी से निष्कासित भी कर दिया है।