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Unnao: परिजनों को मलाल, आखिरी बार न संध्या का चेहरा देख पाए ना अंतिम संस्कार कर पाए, पढ़ें पूरा मामला

Fri, 08 Mar 2024 12:06 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: शिखा पांडेय Updated Fri, 08 Mar 2024 12:06 AM IST
सार

यूपी के उन्नाव जिले में एक ही नाम की दो महिलाओं की मौत हो गई थी। गलती से दूसरे को शव दे दिया। अब परिजनों को मलाल है कि आखिरी बार महिला का न तो चेहरा देख पाए और न ही अंतिम संस्कार कर पाए। 

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Two women with the same name had died, dead body was given to the other by mistake
महिला की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उन्नाव जिले के हसनगंज में घरेलू कलह में जहर खाने से मंगलवार को लखनऊ ट्रामा सेंटर में मृत हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के अकबरपुर निवासी संध्या के परिजनों को उसका आखिरी बार चेहरा न देख पाने और अपने हाथों अंतिम संस्कार न कर पाने का मलाल है।

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हसनगंज कोतवाली के अकबरपुर गांव निवासी विपिन प्रजापति की पत्नी संध्या (26) ने घरेलू कलह में सोमवार रात जहर खा लिया था। परिजनों ने रात में ही लखनऊ बुद्धेश्वर में निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में सुधार न होने पर मंगलवार को लखनऊ ट्रामा सेंटर ले गए थे। वहां इलाज के दौरान देर शाम संध्या की मौत हो गई थी। मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने बुधवार सुबह नौ बजे परिजनों को शव का पोस्टमार्टम के लिए बुलाया था। मृतका संध्या का पति विपिन प्रजापति व अन्य परिजन पंचनामा के बाद लखनऊ के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो बताया कि संध्या प्रजापति का शव उसके परिजन लेकर जा चुके हैं।
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परिजनों ने हंगामा किया तो पता चला कि जिस शव का पोस्टमार्टम होना बाकी है वह लखनऊ के मड़ियावां की रहने वाली संध्या त्रिवेदी का निकला था। उसके परिजन संख्या प्रजापति के शव को लेकर चले गए हैं। संध्या त्रिवेदी के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया था। बाद में संध्या प्रजापति के परिजनों ने संध्या त्रिवेदी का शव लेने से इन्कार कर दिया था घर लौट आए। संध्या का आखिरी बार चेहरा न देख पाने और अपने हाथों से अंतिम संस्कार न कर पाने से घर वाले बेहाल हैं। मृतका के दो बच्चों में अंश पांच और आकृति तीन साल की है। हरदोई जिले के थाना अतरौली के बिजौली गांव निवासी पिता सोनेलाल ने बताया कि दस साल पहले बेटी का विवाह किया था। उन्होंने ससुराल वालों पर कोई आरोप नहीं लगाया है। हालांकि उन्हें भी इस बात का मलाल है कि वह आखिरी बार बेटी का चेहरा नहीं देख पाए।

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