यूपी: सामूहिक दुष्कर्म में दो को 20 साल की सजा, पति, जेठ के एक्सीडेंट की झूठी खबर देकर ले गए थे साथ
सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
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इटावा में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम शीरीन जैदी ने विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देकर 20-20 साल की सजा सुनाई है। दोनों पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दंड तरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि बलरई थाना क्षेत्र के एक गांव की 20 वर्षीय विवाहिता घर पर थी। परिवार के लोग दिल्ली में नौकरी करते थे। आठ जून 2015 को एटा के सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव नगला गडरिया निवासी रिश्तेदार संत कुमार व मनमोहन विवाहिता के घर पहुंचे।
बताया कि पति व जेठ का एक्सीडेंट हो गया है। इस पर युवती उनके साथ चली गई। झांसा देकर उसे फिरोजाबाद ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उसके बाद चंडीगढ़ और अन्य स्थानों पर ले गए फिर दुष्कर्म किया। विवाहिता अपने साथ जेवर व 20 हजार रुपये भी ले गई थी।
दोनों ने रुपये और जेवर हड़प कर उसे छोड़ दिया। विवाहिता ने बलरई थाने और अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर 28 सितंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना कर पत्रावली को कोर्ट में दाखिल की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने संत कुमार व मनमोहन को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिया। दोनों को 20-20 साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पडे़गा।