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सहेली की मदद से दो युवकों ने खजुराहो ले जाकर की थी दरिंदगी अब मिली 20-20 साल की कैद
Sat, 01 Jun 2019 10:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 01 Jun 2019 10:34 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा में झांसे से युवती को सहेली की मदद से मध्यप्रदेश के खजुराहो ले जाकर गैंगरेप के दो दोषी युवकों को शनिवार को एससी/एसटी एक्ट विशेष न्यायाधीश/अपर जिला सत्र न्यायाधीश द्वितीय बिजेंद्र कुमार शैलट ने 20-20 साल की जेल और 60-60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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अपराध में सहयोग की आरोपी पीड़िता की सहेली की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई है। दोनों दोषी युवक घटना के बाद से ही जेल में हैं। बिसंडा के एक व्यक्ति ने 14 अक्तूबर 2016 को बबेरू कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी अपने चचेरे भाई के मकान में रहकर पढ़ाई करती थी।
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सुबह स्कूल जाते समय उसकी सहेली बुआ के यहां चलने की बात कहकर साथ ले गई। रास्ते में सहेली का चचेरा भाई धर्मेंद्र उर्फ बबलू विश्वकर्मा पुत्र मिश्रीलाल और उसका साथी राजमणि पुत्र मन्नालाल ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और सहेली संग कार से खजुराहो ले गए। खजुराहो में दोनों युवकों ने उससे दुष्कर्म किया।
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तहरीर पर पुलिस ने दोनों युवकाें और सहेली के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया। सहेली जमानत पर है। पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। कोर्ट ने धर्मेंद्र उर्फ बबलू और राजमणि को धारा 376डी में 20-20 साल की कठोर कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना किया।
धारा 366 में 7-7 साल की कठोर कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना और धारा 506 में 5-5 साल की कैद की सजा सुनाई। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजी आशुतोष मिश्र व वरिष्ठ अधिवक्ता केजी त्रिपाठी ने पैरवी करते हुए छह गवाह पेश किए।