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इटावा: सचिवालय में नौकरी का झांसा देकर इंजीनियरों ने ठगे दो लाख, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
Sun, 18 Oct 2020 11:52 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 18 Oct 2020 11:52 PM IST
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इटावा जिले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा देकर नौकरी के इंतजार में बैठे युवक से जालसाज के साथ मिलकर सिंचाई विभाग के दो इंजीनियरों ने दो लाख रुपये ठग लिए।
पीड़ित रुपये वापस दिलाने के लिए दो साल से थाने के चक्कर काटता रहा था। आखिरकार उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के पोस्तीखाना निवासी शाह आलम ने बताया कि 2018 में एमएससी पास करने के बाद उसने यूपीएससी की परीक्षा दी। अगस्त 2018 में वह कानपुर से इटावा आ रहा था। ट्रेन में उसकी मुलाकात भरथना निवासी चित्रांग वर्मा से हुई।
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चित्रांग ने खुद को सिंचाई विभाग का बाबू बताकर उसकी नौकरी लगवाने का आश्वास दिया। उसने शाह आलम की मुलाकात सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अंकित कुमार और प्रशासनिक अधिकारी रामऔतार से उनके कार्यालय में करवाई।
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पीड़ित रुपये वापस दिलाने के लिए दो साल से थाने के चक्कर काटता रहा था। आखिरकार उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के पोस्तीखाना निवासी शाह आलम ने बताया कि 2018 में एमएससी पास करने के बाद उसने यूपीएससी की परीक्षा दी। अगस्त 2018 में वह कानपुर से इटावा आ रहा था। ट्रेन में उसकी मुलाकात भरथना निवासी चित्रांग वर्मा से हुई।
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चित्रांग ने खुद को सिंचाई विभाग का बाबू बताकर उसकी नौकरी लगवाने का आश्वास दिया। उसने शाह आलम की मुलाकात सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अंकित कुमार और प्रशासनिक अधिकारी रामऔतार से उनके कार्यालय में करवाई।
दोनों ने उससे नौकरी के लिए दो लाख रुपये की मांग की। सरकारी अफसरों पर भरोसा करके शाह आलम ने उन्हें दो लाख रुपये दे दिए। कई महीनों तक नौकरी नहीं मिली तो उसने रुपये वापस मांगना शुुरू किया।
इसी बीच शाह आलम की बहन कैंसर से पीड़ित हो गई। उसके इलाज के लिए रुपयों की जरूरत पड़ी तो शाह आलम सरकारी अफसरों के पास पहुंचा। आरोप है कि रुपये वापस देने की बजाय उसे पीटकर भगा दिया गया।
तभी से वह रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए थाने के चक्कर काट रहा था। कार्रवाई न होते देख उसने कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
इसी बीच शाह आलम की बहन कैंसर से पीड़ित हो गई। उसके इलाज के लिए रुपयों की जरूरत पड़ी तो शाह आलम सरकारी अफसरों के पास पहुंचा। आरोप है कि रुपये वापस देने की बजाय उसे पीटकर भगा दिया गया।
तभी से वह रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए थाने के चक्कर काट रहा था। कार्रवाई न होते देख उसने कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है।