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Kanpur News: बीईओ की रिपोर्ट पर दो प्रधानाध्यापक निलंबित, दो दिन बाद आदेश निरस्त
Thu, 06 Mar 2025 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 06 Mar 2025 12:41 AM IST
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कानपुर देहात। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी मैथा की रिपोर्ट पर एक मार्च को दो प्रधानाध्यापकों को निलंबित किया था। इनमें प्राथमिक विद्यालय बाघपुर के प्रधानाध्यापक आलोक त्रिवेदी व प्राथमिक विद्यालय पकरा के प्रधानाध्यापक अजय सिंह शामिल हैं। निलंबन के दो दिन बाद ही तीन मार्च को बीएसए ने निलंबन आदेश निरस्त कर दिया। मामला संज्ञान में आने पर सीडीओ ने जांच रिपोर्ट तलब की है।
मैथा ब्लॉक की खंड शिक्षा अधिकारी सपना सिंह ने 13 फरवरी को बाघपुर व पकरा विद्यालयों का निरीक्षण किया था। शिक्षक के अनुपस्थित मिलने के साथ अन्य खामियों पर बीएसए को रिपोर्ट दी थी। इस पर बीएसए अजय कुमार मिश्र ने दोनों शिक्षकों को एक मार्च को निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी राजपुर संजय गुप्ता को दी थी। निलंबन के बाद मामले की जांच शुरू भी नहीं हो पाई कि दूसरे दिन तीन मार्च को निलंबन आदेश निरस्त कर दिया गया।
बिना कोई जांच किए ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने ही आदेश को निरस्त करने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं। जानकारों के मुताबिक नियम की बात करें तो जब किसी अध्यापक को निलंबित किया जाता है तो उसकी जांच आख्या किसी अन्य ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाती है। दूसरी जांच आख्या आने के बाद ही आगे की कार्यवाही होती है। मगर इस मामले में बिना जांच आख्या के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्वयं के आदेश को निरस्त कर दिया।
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वर्जन....
गलत, सही को लेकर होगी जांच
बीईओ की रिपोर्ट गलत या फिर निलंबन आदेश गलत तरह से वापस लिया गया। इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।- लक्ष्मी एन, सीडीओ
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बीईओ के निरीक्षण में आलोक त्रिवेदी विद्यालय में अनुपस्थित थे। रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया गया था। संगठन के माध्यम से अवगत कराया गया कि वह मेडिकल पर थे, गलत रिपोर्ट आ गई थी, इस पर निलंबन आदेश वापस ले लिया गया था। अजय सिंह संकुल शिक्षक थे कर्मठ थे, संगठन ने उनके बारे में बताया कि उनके ऊपर भी लगे आरोप गलत थे। मेरी दृष्टि में शिक्षक का हित सर्वोपरि है, इस लिए दोनों के निलंबन आदेश वापस लिए गए। - अजय मिश्र, बीएसए
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मैथा ब्लॉक की खंड शिक्षा अधिकारी सपना सिंह ने 13 फरवरी को बाघपुर व पकरा विद्यालयों का निरीक्षण किया था। शिक्षक के अनुपस्थित मिलने के साथ अन्य खामियों पर बीएसए को रिपोर्ट दी थी। इस पर बीएसए अजय कुमार मिश्र ने दोनों शिक्षकों को एक मार्च को निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी राजपुर संजय गुप्ता को दी थी। निलंबन के बाद मामले की जांच शुरू भी नहीं हो पाई कि दूसरे दिन तीन मार्च को निलंबन आदेश निरस्त कर दिया गया।
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बिना कोई जांच किए ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने ही आदेश को निरस्त करने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं। जानकारों के मुताबिक नियम की बात करें तो जब किसी अध्यापक को निलंबित किया जाता है तो उसकी जांच आख्या किसी अन्य ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाती है। दूसरी जांच आख्या आने के बाद ही आगे की कार्यवाही होती है। मगर इस मामले में बिना जांच आख्या के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्वयं के आदेश को निरस्त कर दिया।
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गलत, सही को लेकर होगी जांच
बीईओ की रिपोर्ट गलत या फिर निलंबन आदेश गलत तरह से वापस लिया गया। इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।- लक्ष्मी एन, सीडीओ
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बीईओ के निरीक्षण में आलोक त्रिवेदी विद्यालय में अनुपस्थित थे। रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया गया था। संगठन के माध्यम से अवगत कराया गया कि वह मेडिकल पर थे, गलत रिपोर्ट आ गई थी, इस पर निलंबन आदेश वापस ले लिया गया था। अजय सिंह संकुल शिक्षक थे कर्मठ थे, संगठन ने उनके बारे में बताया कि उनके ऊपर भी लगे आरोप गलत थे। मेरी दृष्टि में शिक्षक का हित सर्वोपरि है, इस लिए दोनों के निलंबन आदेश वापस लिए गए। - अजय मिश्र, बीएसए