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ठंड का कहर: कानपुर में दो की हार्ट अटैक और एक की ब्रेन अटैक से मौत, बरतें एहतियात

Mon, 02 Jan 2023 08:48 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 02 Jan 2023 08:48 AM IST
सार

सर्दियों में हृदय रोगियों को दिक्कत बढ़ती है। इस मौसम में सचेत रहने की जरूरत होती है। कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी नए साल के पहले दिन फुल रही।

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two died of heart attack and one brain attack in Kanpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

कानपुर में जाड़ा बढ़ने के साथ ब्रेन अटैक और हार्ट अटैक के मामले बढ़ गए हैं। हैलट इमरजेंसी में नए साल के पहले दिन ब्रेन अटैक के 35 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें से कुछ के मस्तिष्क में खून का थक्का जमा है और कुछ की नसों से लीकेज हो गया। ऐसे रोगी जिनकी मस्तिष्क की नसों में लीकेज हुआ है, उन्हें न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया है।

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इसके साथ ही कार्डियोलॉजी में हार्ट अटैक के रोगी आए। इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी फुल रही। दो रोगियों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। एक रोगी की ब्रेन अटैक से मौत हुई है। कई रोगियों को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरो साइंसेस विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि जाड़ा बढ़ने के बाद ब्रेन अटैक के रोगियों की संख्या दोगुना से अधिक हो गई है। औसत 35 से 40 रोगी प्रतिदिन आ रहे हैं। कुछ रोगियों की ब्रेन अटैक पड़ने के बाद तुरंत मौत हो जाती है।

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मस्तिष्क की नसों में लीकेज हो जा रहा है। ज्यादातर रोगियों के ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण ऐसा हुआ है। रोगियों ने ब्लड प्रेशर की दवा लेने में लापरवाही की। चुन्नीगंज क्षेत्र के रहने वाले बाबूलाल (50) की ब्रेन अटैक से मौत हो गई। बेहोश हो जाने पर परिजन उन्हें लेकर आए थे। लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा आजादनगर के जसप्रीत (65) और नवाबगंज के मनोहरलाल (74) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उन्हें कार्डियोलॉजी में मृत घोषित कर दिया गया। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा का कहना है कि जाड़े में रोगी एहतियात बरतें। दवाओं में लापरवाही से दिक्कत हो जाती है।

एडवाइजरी
- ब्लड प्रेशर की जांच कराएं
- जो पहले से रोगी हैं सुबह-शाम ब्लडप्रेशर की मॉनीटरिंग करें।
- किसी भी हाल में ब्लडप्रेशर की दवा खाना न छोड़ें।
- डॉक्टर के पास जाकर दवा की डोज दुरुस्त कराएं।
- लगातार गैस बन रही है तो डॉक्टर को दिखा लें।
- तड़के बाहर टहलने के लिए न जाएं।
- गर्म कमरे से अचानक ठंडक के माहौल में न जाएं।
- देर रात की पार्टी और सफर से हाइपरटेंशन रोगी बचें।
- रात को हल्का और पौष्टिक खाना लें।
- डिनर के डेढ़ घंटे के बाद सोने के लिए जाएं।

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