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पुखरायां रेल हादसा: जांच की आंच से रेलवे के दो विभागों में ठनी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 25 Nov 2016 10:18 AM IST
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पुखरायां ट्रेन हादसे के बाद की तस्वीर
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इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे की जांच की आंच से बचने के लिए बोगियों और पटरियों की देखरेख करने वाले विभागों में ठन गई है। यदि ट्रैक में कमी आई तो दुर्घटनास्थल के करीब के रेल खंड की निगरानी से जुड़े अफसर और गैंगमैनों पर कार्रवाई होगी। जबकि बोगी में कमी निकली तो कई जोन और मंडलों के बड़े अफसर और कर्मचारी भी जद में आएंगे। इसी कारण रेलवे के मेकैनिकल और इंजीनियर विभाग में ठन गई है।
पुखरायां में बुधवार को दुर्घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम के जांच करने के बाद आम लोगों के बीच ही मेकैनिकल और इंजीनियरिंग विभाग के रेलवे अफसर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते दिखे। सूत्रों के मुताबिक दोनों अफसरों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट में एक दूसरे की कमियां और गल्तियां दर्शायी हैं। इनके अफसरों और कर्मचारियों के दर्ज बयानों में परस्पर विरोधाभास है। मेकैनिकल विभाग के अधीन बोगियां और पटरियों से संबंधित इंजीनियरिंग विभाग है। पुखरायां में चीफ मेकैनिकल इंजीनियर (कैरिज एंड वैगन) और प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर आलोक रंजन के बीच जांच के दौरान इस बात को लेकर कहासुनी भी हुई है।
दरअसल, अभी तक हुई कार्रवाई में झांसी डिवीजन के कैरिज एंव वैगन और इंजीनियरिंग विभाग के पांच इंजीनियर ही निलंबित हुए हैं। अभी छोटे स्तर के कर्मचारियों से पूछताछ हो रही है और किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है। जांच में बोगियों की गुणवत्ता और कमी की तरफ जांच जाने से कैरिज एंड वैगन विभाग और कार्यशाला के इंजीनियरों से भी पूछताछ हो रही है।
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पुखरायां में बुधवार को दुर्घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम के जांच करने के बाद आम लोगों के बीच ही मेकैनिकल और इंजीनियरिंग विभाग के रेलवे अफसर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते दिखे। सूत्रों के मुताबिक दोनों अफसरों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट में एक दूसरे की कमियां और गल्तियां दर्शायी हैं। इनके अफसरों और कर्मचारियों के दर्ज बयानों में परस्पर विरोधाभास है। मेकैनिकल विभाग के अधीन बोगियां और पटरियों से संबंधित इंजीनियरिंग विभाग है। पुखरायां में चीफ मेकैनिकल इंजीनियर (कैरिज एंड वैगन) और प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर आलोक रंजन के बीच जांच के दौरान इस बात को लेकर कहासुनी भी हुई है।
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दरअसल, अभी तक हुई कार्रवाई में झांसी डिवीजन के कैरिज एंव वैगन और इंजीनियरिंग विभाग के पांच इंजीनियर ही निलंबित हुए हैं। अभी छोटे स्तर के कर्मचारियों से पूछताछ हो रही है और किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है। जांच में बोगियों की गुणवत्ता और कमी की तरफ जांच जाने से कैरिज एंड वैगन विभाग और कार्यशाला के इंजीनियरों से भी पूछताछ हो रही है।
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