दर्दनाक हादसे से पसरा मातम!, यूं देखनी पड़ी अपने बच्चों की लाशें
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जानकारी के मुताबिक अजय पुत्र राकेश कुमार राठौर (15) और संकित पुत्र श्यमा बहादुर सिंह (14) निवासी हैदरपुर थाना मोहम्मदाबाद फर्रुखाबाद से अपने नाना शंकर सिंह चौहान के घर इटावा विक्रमपुर थाना सिविल लाइन गए थे। यहां अखंड रामायण का कार्यक्रम था। कार्यक्रम के बाद जवारे विर्सजन करने ये लोग तोरा में यमुना नदी पर पहुंचे थे।
इसके बाद गोताखोर बुलाने को कहा गया, ताज्जुब करने वाली बात है कि इलाके में एक भी गोताखोर नहीं मिला। इस कारण देर पर देर होती चली गई और दोनों बच्चों की जान न बचाई जा सकी।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस को जब बच्चों के डूबने की जानकारी मिल ही गई थी तो वहां पहले से ही बंदोबस्त क्यों नहीं किया गया। क्यों एक गोताखोर को तलाशने में ही घंटों बरबाद किए गए। इन सब सवालों से घिरी यूपी पुलिस फिलहाल इम मामले में कुछ कह नहीं रही है। लेकिन इतना कहा जा सकता है कि पुलिस विभाग में यदि कोई गोताखोर होता तो शायद वक्त रहते बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।