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दर्दनाक हादसे से पसरा मातम!, यूं देखनी पड़ी अपने बच्चों की लाशें

Fri, 12 May 2017 05:13 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 12 May 2017 05:13 PM IST
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two children drown in river yamuna at etawah
इटावा में यमुना नदी में डूबे बच्चे का शव निकालते गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
इनकी मां ने सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें अपने आगोश में कभी अपने बच्चों की लाशें यूं देखनी पड़ेगी। जैसे ही इन्होंने अपने बच्चों के चेहरे देखे ये बेसुध होकर गिर पड़ीं। 
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two children drown in river yamuna at etawah
डेमो
दरअसल, इटावा यमुना नदी में डूबकर दो बच्चो की हुई मौत हो गई। परिवार में कोहराम मच गया है। घटना शुक्रवार सवेरे सुबह आठ बजे की है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बच्चों के शव नदी से निकाल लिए है।

 

जानकारी के मुताबिक अजय पुत्र राकेश कुमार राठौर (15) और संकित पुत्र श्यमा बहादुर सिंह (14) निवासी हैदरपुर थाना मोहम्मदाबाद फर्रुखाबाद से अपने नाना शंकर सिंह चौहान के घर इटावा विक्रमपुर थाना सिविल लाइन गए थे। यहां अखंड रामायण का कार्यक्रम था। कार्यक्रम के बाद जवारे विर्सजन करने ये लोग तोरा में यमुना नदी पर पहुंचे थे। 
 

 

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two children drown in river yamuna at etawah
डेमो
यहां सभी विसर्जन में व्यस्त थे तभी संकित और अजय नदी में नहाने के लिए पानी में उतर गए। इसी दौरान दोनों आगे बढ़ते-बढ़ते गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते दोनों डूबने लगे। उन्हें डूबता देख चींख-पुकार मच गई। फौरन पुलिस को जानकारी दी गई। थोड़ी ही देर में पुलिस पहुंच गई लेकिन उनके साथ कोई गोताखोर मौजूद नहीं था। 

इसके बाद गोताखोर बुलाने को कहा गया, ताज्जुब करने वाली बात है कि इलाके में एक भी गोताखोर नहीं मिला। इस कारण देर पर देर होती चली गई और दोनों बच्चों की जान न बचाई जा सकी।

अब सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस को जब बच्चों के डूबने की जानकारी मिल ही गई थी तो वहां पहले से ही बंदोबस्त क्यों नहीं किया गया। क्यों एक गोताखोर को तलाशने में ही घंटों बरबाद किए गए। इन सब सवालों से घिरी यूपी पुलिस फिलहाल इम मामले में कुछ कह नहीं रही है। लेकिन इतना कहा जा सकता है कि पुलिस विभाग में यदि कोई गोताखोर होता तो शायद वक्त रहते बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
 
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