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Kanpur News: तख्तों व बेंच पर हो रहा इलाज, सब्जी की टोकरी में दवाई
Fri, 11 Sep 2026 01:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:12 AM IST
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डेरापुर। ब्लॉक में मानकों को ताख पर रखकर चल रहे मानक विहीन व अपंजीकृत अस्पताल व क्लीनिक के खिलाफ बृहस्पतिवार को सीएचसी अधीक्षक ने टीम के साथ छापा मारा। टीम को अधिकांश स्थानों पर तख्तों पर मरीजों को लिटाने की व्यवस्था व सब्जी की टोकरी में दवाइयां भरी मिलीं। टीम ने कागजात न दिखा पाने पर पांच क्लीनिक संचालकों को नोटिस दिए हैं जबकि कुछ क्लीनिकों व पैथोलॉजी के संचालक छापामारी की जानकारी पर मौके से भाग निकले।
डेरापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पुनीत कुमार पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को टीम के साथ मुंगीसापुर स्थित उमाकांत व प्रिंस राज के क्लीनिक पर छापा मारकर जांच की। जांच में क्लीनिकों में मानक पूरे न मिलने के साथ जिम्मेदार पंजीकरण संबंधी दस्तावेज नहीं दिखा सके। इस पर दोनों संचालकों को नोटिस देकर तीन दिन में कागजात दिखाने के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि स्वाति चिकित्सालय में टीम के पहुंचने से पहले संचालक व कर्मचारी मौके से भाग निकले। परिसर में कोई भी मरीज भर्ती नहीं मिला।
एक हॉल में घरेलू उपयोग में लाए जाने वाले तख्त व बेंचों पर गद्दा डालकर उपचार की व्यवस्था की गई थी। ऑक्सीजन सिलिंडर भी लगा था। जबकि बीच में रखी एक बेंच में लगे गत्तों व कुछ सब्जी रखने वाली टोकरियों में दवाइयां रखी हुई थीं। इसके अलावा सौरभ कटियार की पैथोलॉजी पर टीम ने छापा मारा, वहां भी कर्मचारी लैब छोड़कर भाग गए थे। टीम ने सिठमरा में सुशील, वीरन सिंह व खानपुर चैन में जितेंद्र कुमार के क्लीनिकों की भी जांच की है। यहां भी संचालक क्लीनिक के पंजीकरण संबंधी दस्तावेज नहीं दिखा सके हैं। साथ ही मानक भी अधूरे मिले। इनको भी नोटिस देकर तीन दिन में दस्तावेज दिखाने व स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
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अधीक्षक ने बताया कि पांच क्लीनिक संचालकों को नोटिस दिया गया है। जिन अस्पताल, क्लीनिकों व पैथोलॉजी से कर्मचारी भाग निकले थे वहां नोटिस नहीं दिया जा सका है। यहां दोबारा छापेमारी की जाएगी। रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जा रही है।
....................
बिना पंजीकरण संचालित अस्पताल सील
रसूलाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने सीएमओ के पास नगर में अंशिका हेल्थ क्लीनिक व हॉस्पिटल अवैध रूप से संचालित किए जाने की शिकायत की थी। सीएमओ के निर्देश पर बृहस्पतिवार को उन्होंने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम को मौके पर संचालक व उनकी पत्नी मौजूद मिलीं। जबकि अस्पताल में कोई भी मरीज भर्ती नहीं था और न ही कर्मचारी मौजूद था। जांच में संचालक ने बताया कि उन्होंने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इसकी जानकारी सीएमओ कार्यालय से कराई गई तो उनकी ओर से आवेदन के प्रपत्र जमा न किया जाना पाया गया। इसपर अस्पताल को सील कर दिया गया। अस्पताल परिसर में ही संचालक का निवास होने के चलते छोटे गेट को सील नहीं किया गया है।
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डेरापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पुनीत कुमार पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को टीम के साथ मुंगीसापुर स्थित उमाकांत व प्रिंस राज के क्लीनिक पर छापा मारकर जांच की। जांच में क्लीनिकों में मानक पूरे न मिलने के साथ जिम्मेदार पंजीकरण संबंधी दस्तावेज नहीं दिखा सके। इस पर दोनों संचालकों को नोटिस देकर तीन दिन में कागजात दिखाने के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि स्वाति चिकित्सालय में टीम के पहुंचने से पहले संचालक व कर्मचारी मौके से भाग निकले। परिसर में कोई भी मरीज भर्ती नहीं मिला।
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एक हॉल में घरेलू उपयोग में लाए जाने वाले तख्त व बेंचों पर गद्दा डालकर उपचार की व्यवस्था की गई थी। ऑक्सीजन सिलिंडर भी लगा था। जबकि बीच में रखी एक बेंच में लगे गत्तों व कुछ सब्जी रखने वाली टोकरियों में दवाइयां रखी हुई थीं। इसके अलावा सौरभ कटियार की पैथोलॉजी पर टीम ने छापा मारा, वहां भी कर्मचारी लैब छोड़कर भाग गए थे। टीम ने सिठमरा में सुशील, वीरन सिंह व खानपुर चैन में जितेंद्र कुमार के क्लीनिकों की भी जांच की है। यहां भी संचालक क्लीनिक के पंजीकरण संबंधी दस्तावेज नहीं दिखा सके हैं। साथ ही मानक भी अधूरे मिले। इनको भी नोटिस देकर तीन दिन में दस्तावेज दिखाने व स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
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अधीक्षक ने बताया कि पांच क्लीनिक संचालकों को नोटिस दिया गया है। जिन अस्पताल, क्लीनिकों व पैथोलॉजी से कर्मचारी भाग निकले थे वहां नोटिस नहीं दिया जा सका है। यहां दोबारा छापेमारी की जाएगी। रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जा रही है।
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बिना पंजीकरण संचालित अस्पताल सील
रसूलाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने सीएमओ के पास नगर में अंशिका हेल्थ क्लीनिक व हॉस्पिटल अवैध रूप से संचालित किए जाने की शिकायत की थी। सीएमओ के निर्देश पर बृहस्पतिवार को उन्होंने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम को मौके पर संचालक व उनकी पत्नी मौजूद मिलीं। जबकि अस्पताल में कोई भी मरीज भर्ती नहीं था और न ही कर्मचारी मौजूद था। जांच में संचालक ने बताया कि उन्होंने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इसकी जानकारी सीएमओ कार्यालय से कराई गई तो उनकी ओर से आवेदन के प्रपत्र जमा न किया जाना पाया गया। इसपर अस्पताल को सील कर दिया गया। अस्पताल परिसर में ही संचालक का निवास होने के चलते छोटे गेट को सील नहीं किया गया है।