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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर सड़क हादसे में होने वाले घायलों को मिलेगा फौरन इलाज, बनेगा ट्रॉमा सेंटर
Wed, 24 Jul 2019 12:15 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 24 Jul 2019 12:15 AM IST
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज मे एक्सप्रेसवे के किनारे ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पहले हिस्से में ट्रामा सेंटर के लिए जिला प्रशासन ने सौरिख कट के पास एक्सप्रेसवे से लगी दो हजार वर्ग मीटर जमीन का चयन कर लिया है। डीएम ने यूपीडा मुख्यालय लखनऊ को प्रस्ताव भेजा है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आए दिन हादसे होते हैं। घायलों को सही समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत तक हो जाती है। दरअसल, सौरिख से मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 35 किमी और जिला अस्पताल के लिए करीब 45 किमी की दूरी तय करनी होती है।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आए दिन हादसे होते हैं। घायलों को सही समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत तक हो जाती है। दरअसल, सौरिख से मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 35 किमी और जिला अस्पताल के लिए करीब 45 किमी की दूरी तय करनी होती है।
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मेडिकल कालेज टीम द्वारा तैयार किए गए ट्रामा सेंटर के प्रस्ताव को डीएम ने यूपीडा को भेज दिया है
एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों में गंभीर घायलों को तुरंत इलाज की जरूरत होती है। यह उन्हें फिलहाल नहीं मिल पा रहा है। जब तक उन्हें मेडिकल कालेज या जिला अस्पताल पहुंचाया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। पांच दिसंबर 2018 को एक्सप्रेसवे पर सौरिख में बने कट का उद्घाटन करने आए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के सामने स्थानीय लोगों और खुद जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने इस समस्या को रखा था।
सतीश महाना ने भी इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने ट्रामा सेंटर के लिए सौरिख में ही एक्सप्रेसवे के नजदीक जमीन के चयन के निर्देश दिए थे। जमीन की तलाश में जुटे अधिकारियों ने सौरिख कट के पास ही एक किसान की करीब दो हजार वर्ग मीटर जमीन का चयन ट्रामा सेंटर के लिए किया है।
किसान भी जमीन देने को राजी है। मेडिकल कालेज टीम द्वारा तैयार किए गए ट्रामा सेंटर के प्रस्ताव को डीएम ने यूपीडा को भेज दिया है। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि शासन से हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सतीश महाना ने भी इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने ट्रामा सेंटर के लिए सौरिख में ही एक्सप्रेसवे के नजदीक जमीन के चयन के निर्देश दिए थे। जमीन की तलाश में जुटे अधिकारियों ने सौरिख कट के पास ही एक किसान की करीब दो हजार वर्ग मीटर जमीन का चयन ट्रामा सेंटर के लिए किया है।
किसान भी जमीन देने को राजी है। मेडिकल कालेज टीम द्वारा तैयार किए गए ट्रामा सेंटर के प्रस्ताव को डीएम ने यूपीडा को भेज दिया है। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि शासन से हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।