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Kanpur News: होम स्टे बनाने में पर्यटन विभाग करेगा मदद, कराना होगा रजिस्ट्रेशन
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कानपुर। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम स्टे नीति लाया है। इसके तहत अब कानपुर के निवासी अपने घरों को पर्यटकों के लिए होम स्टे के रूप में पंजीकृत करा सकेंगे। पंजीकरण के बाद गृहकर, जलकर और बिजली का बिल घरेलू रहेगा। पर्यटकों से किराया क्षेत्र के आधार पर ही लिया जाएगा। इसमें दो तरह से पंजीकरण गोल्ड कैटेगरी में तीन हजार रुपये और सिल्वर कैटेगरी में दो हजार रुपये में होगा। इसी आधार पर सुविधाएं मिलेंगी।
पर्यटन विभाग की ओर से शुरू की गई योजना के तहत खुद का मकान होना चाहिए। इसमें एक से छह अतिरिक्त कमरे हों तो वह अपने घर को होम स्टे में बदल सकता है, हालांकि इसके लिए अधिकतम 12 बेड होना जरूरी है। इस कदम का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को ठहरने का एक किफायती और आरामदायक विकल्प देना है बल्कि उन्हें स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली का अनुभव भी कराना है। इससे शहर की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए आय का एक नया स्रोत भी खुलेगा।
इस योजना का लक्ष्य कानपुर की समृद्ध विरासत और मेहमान नवाजी को दुनिया के सामने लाना है। यह योजना छोटे-मोटे व्यापारों को भी बढ़ावा देगी। होम स्टे में रहने वाले पर्यटक अक्सर स्थानीय रेस्टोरेंट, हस्तशिल्प की दुकानों और रिक्शा चालकों जैसी सेवाओं का उपयोग करते हैं जिससे अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह शहर की आर्थिक गति को बढ़ाने में मदद करेगा और स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक लाभ का एक नया रास्ता खोलेगा। उम्मीद है कि यह योजना न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगी बल्कि कानपुर की छवि को भी एक मेहमान नवाज शहर के रूप में स्थापित करेगी।
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यह है नियम
एक पर्यटक अधिकतम सात दिन रुक सकता। कमरों का साफ-सुथरा होना, स्वच्छ बाथरूम, पीने का पानी और सुरक्षा के उचित प्रबंध जरूरी हैं। इसके साथ ही कम से कम तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हों। केयर टेकर अनिवार्य है। - आम आदमी और आम सुविधाएं
इसमें ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन आएगा और जिलास्तरीय गठित कमेटी की गाइडलाइन से अप्रूव कराकर पंजीकरण प्रमाणपत्र दे दिया जाएगा। जिला प्रशासन, फायर, पुलिस प्रशासन के अधिकारी होम स्टे के पंजीकरण का अप्रूवल देंगे। होम स्टे में स्टार कैटेगरी की सुविधाएं नहीं देनी हैं। यहां आम आदमी आएंगे तो बिल्कुल सामान्य सुविधाएं देनी और सामान्य चार्ज लेने हैं। - डॉ. अर्जिता ओझा, जिला पर्यटन अधिकारी
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पर्यटन विभाग की ओर से शुरू की गई योजना के तहत खुद का मकान होना चाहिए। इसमें एक से छह अतिरिक्त कमरे हों तो वह अपने घर को होम स्टे में बदल सकता है, हालांकि इसके लिए अधिकतम 12 बेड होना जरूरी है। इस कदम का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को ठहरने का एक किफायती और आरामदायक विकल्प देना है बल्कि उन्हें स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली का अनुभव भी कराना है। इससे शहर की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए आय का एक नया स्रोत भी खुलेगा।
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इस योजना का लक्ष्य कानपुर की समृद्ध विरासत और मेहमान नवाजी को दुनिया के सामने लाना है। यह योजना छोटे-मोटे व्यापारों को भी बढ़ावा देगी। होम स्टे में रहने वाले पर्यटक अक्सर स्थानीय रेस्टोरेंट, हस्तशिल्प की दुकानों और रिक्शा चालकों जैसी सेवाओं का उपयोग करते हैं जिससे अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह शहर की आर्थिक गति को बढ़ाने में मदद करेगा और स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक लाभ का एक नया रास्ता खोलेगा। उम्मीद है कि यह योजना न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगी बल्कि कानपुर की छवि को भी एक मेहमान नवाज शहर के रूप में स्थापित करेगी।
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यह है नियम
एक पर्यटक अधिकतम सात दिन रुक सकता। कमरों का साफ-सुथरा होना, स्वच्छ बाथरूम, पीने का पानी और सुरक्षा के उचित प्रबंध जरूरी हैं। इसके साथ ही कम से कम तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हों। केयर टेकर अनिवार्य है। - आम आदमी और आम सुविधाएं
इसमें ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन आएगा और जिलास्तरीय गठित कमेटी की गाइडलाइन से अप्रूव कराकर पंजीकरण प्रमाणपत्र दे दिया जाएगा। जिला प्रशासन, फायर, पुलिस प्रशासन के अधिकारी होम स्टे के पंजीकरण का अप्रूवल देंगे। होम स्टे में स्टार कैटेगरी की सुविधाएं नहीं देनी हैं। यहां आम आदमी आएंगे तो बिल्कुल सामान्य सुविधाएं देनी और सामान्य चार्ज लेने हैं। - डॉ. अर्जिता ओझा, जिला पर्यटन अधिकारी