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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   todays active corona cases of kanpur 15 feb 2021

Coronavirus: कानपुर में मिले कोरोना के दो मरीज, जल्द कोविड मुक्त होगा शहर

Mon, 15 Feb 2021 01:28 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 15 Feb 2021 01:28 PM IST
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todays active corona cases of kanpur 15 feb 2021
कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
करीब दस महीने तक कहर बरपाने वाले कोविड-19 संक्रमण के मामलों में बड़ी गिरावट आई है। कानपुर के कैंट और दबौली में दो और कोरोना संक्रमित मिले हैं। कानपुर में एक्टिव केस 70 बचे हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 32967 है और इनमें 32059 संक्रमित अस्पतालों और होम आइसोलेशन में ठीक हो गए हैं। रविवार को नौ और रोगी होम आइसोलेशन में संक्रमण मुक्त हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 2227 लोगों के सैंपल लिए। कानपुर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 838 है।
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कोरोना चार से 40 फीसदी कमजोर कर गया फेफड़े
संक्रमितों के आंकड़ों से यह संकेत मिल रहा है कि कोरोना अंतिम सांसें ले रहा है लेकिन जिन्हें संक्रमण हुआ है, उनके फेफड़ों की क्षमता चार से 40 फीसदी तक कम हो गई है। जितनी क्षमता कम घटी है, उनकी थोड़ी सी मेहनत करने पर सांस फूल जाती है और जिनके फेफड़ों की क्षमता 40 फीसदी कम हुई उन्हें अब भी आक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।
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एक और चौंकाने वाला खुलासा यह है कि कुछ रोगियों में कोरोना की फाइब्रोसिस (फेफड़े की बीमारी) ठीक हो रही है, जबकि दूसरे रोगों से हुई फाइब्रोसिस ठीक नहीं होती। कोरोना से संक्रमित होकर 32 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं। पोस्ट कोविड जांचें करा रहे हैं तो नई स्थिति उभरकर सामने आई है।
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कोरोना तो मर गया लेकिन फेफड़ों को कमजोर कर गया है। अच्छी बात यह है कि फेफड़ों के फिर सामान्य स्थिति में पहुंचने के ज्यादातर लोगों में लक्षण मिल रहे हैं। इसका मतलब है कि कोरोना ठीक होने के बाद इस रोग से पैदा हुई सेहत की जटिलताएं झेल रहे लोग मायूस न हों। शहर में करीब 10 हजार रोगियों की पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट कराया है।

उसमें फेफड़ों में कमजोरी आने का खुलासा हुआ है। नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियन इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एसके कटियार का कहना है कि संक्रमण के लेवल के लिहाज से संक्रमितों के फेफड़ों में कमजोरी आई है। जिनके संक्रमण का लोड अधिक था, उनके 40 फीसदी तक नुकसान हुआ है।

पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट में यह नई बात सामने आ रही है। सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. राजीव कक्कड़ का कहना है कि कोरोना के सबसे अधिक असर फेफड़ों पर है। एक तो माहौल में प्रदूषण अधिक है, उस पर कोरोना ने फेफड़ों को और कमजोर किया है।


कनपुरियों के फेफड़े 10 फीसदी पहले से कमजोर
10 साल पहले जीएसवीएम मेडिकल कालेज के डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल, आईआईटी कानपुर के साझा शोध में खुलासा हुआ था कि कनपुरिया के फेफड़ों की क्षमता प्रदूषण के कारण 10 फीसदी कम हो गई हैै। इसके लिए शोध में एहतियात बरतने का सुझाव दिया गया था। बाहर के साथ ही घर के अंदर का प्रदूषण कम करने का मशविरा दिया गया।
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