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Kanpur News: टिनशेड छोटा, गर्मी में तप रहे यात्री पेयजल तक नहीं, सूख रहे हलक
Mon, 09 Jun 2025 01:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 09 Jun 2025 01:17 AM IST
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कानपुर देहात। माती रोडवेज डिपो परिसर में यात्री सुविधाओं का अभाव है। टिनशेड छोटा है। ऐसे में कई यात्रियों को धूप में तपना पड़ता है। वहीं पेयजल तक के इंतजाम नहीं हैं। यात्रियों को खरीदकर पानी पीना पड़ता है।
भीषण गर्मी के चलते यहां यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थिति यह है कि डिपो में बसें न आकर सड़क से ही यात्रियों को बैठाकर चल देती है। हाईवे पर बस का इंतजार करने पर यात्रियों के साथ दुर्घटना होने का डर बना रहता है।
रोडवेज डिपो में बसों को खड़ा करने की सुविधा है, लेकिन परिसर में घुसते ही जहां बसें खड़ी होती हैं और यात्री उसमें चढ़ते हैं वहां खडंजा की ईंटें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कभी अगर बस परिसर में आती है और यात्री उसमें चढ़ने की जल्दी में रहते हैं, तो गड्ढे में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या वर्षा के मौसम में होती है। थोड़ी देर की बरसात में ही डिपो परिसर तालाब में तबदील हो जाता है और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम में डिपो परिसर में लगे पेड़ की छांव ही यात्रियों का एक मात्र सहारा बनती है।
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यहां टिनशेड तो लगा है, लेकिन वह भी नाकाफी है। वहीं शौचालय क्षतिग्रस्त पड़ा है। ऐसे में महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ता है। लखनऊ जाने के लिए बस के इंतजार में खड़े यात्री रामेंद्र सिंह ने बताया कि डिपो से चलने वाली बस का आने व जाने का कोई समय नहीं हैं। अन्य जनपदों से आने वाली बस का ही सहारा रहता है। इस गर्मी में बस का इंतजार करना मुश्किल होता है। यहां पीने के लिए पानी की सुविधा भी नहीं है। अगर खरीद कर पानी पीना हो तो हाईवे को दूसरी तरफ जाना पड़ता है। ऐसे में मार्ग दुर्घटना का डर लगा रहता है।
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भीषण गर्मी के चलते यहां यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थिति यह है कि डिपो में बसें न आकर सड़क से ही यात्रियों को बैठाकर चल देती है। हाईवे पर बस का इंतजार करने पर यात्रियों के साथ दुर्घटना होने का डर बना रहता है।
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रोडवेज डिपो में बसों को खड़ा करने की सुविधा है, लेकिन परिसर में घुसते ही जहां बसें खड़ी होती हैं और यात्री उसमें चढ़ते हैं वहां खडंजा की ईंटें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कभी अगर बस परिसर में आती है और यात्री उसमें चढ़ने की जल्दी में रहते हैं, तो गड्ढे में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या वर्षा के मौसम में होती है। थोड़ी देर की बरसात में ही डिपो परिसर तालाब में तबदील हो जाता है और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम में डिपो परिसर में लगे पेड़ की छांव ही यात्रियों का एक मात्र सहारा बनती है।
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यहां टिनशेड तो लगा है, लेकिन वह भी नाकाफी है। वहीं शौचालय क्षतिग्रस्त पड़ा है। ऐसे में महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ता है। लखनऊ जाने के लिए बस के इंतजार में खड़े यात्री रामेंद्र सिंह ने बताया कि डिपो से चलने वाली बस का आने व जाने का कोई समय नहीं हैं। अन्य जनपदों से आने वाली बस का ही सहारा रहता है। इस गर्मी में बस का इंतजार करना मुश्किल होता है। यहां पीने के लिए पानी की सुविधा भी नहीं है। अगर खरीद कर पानी पीना हो तो हाईवे को दूसरी तरफ जाना पड़ता है। ऐसे में मार्ग दुर्घटना का डर लगा रहता है।