फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Three research projects of PSIT got approval, got a grant of 30 lakhs

Kanpur News: पीएसआईटी की तीन शोध परियोजनाओं को मिली मंजूरी, मिला 30 लाख का अनुदान

Thu, 11 Sep 2025 02:53 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Sep 2025 02:53 AM IST
विज्ञापन
Three research projects of PSIT got approval, got a grant of 30 lakhs
कानपुर। प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (पीएसआईटी) ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूपीसीएसटी) ने वर्ष 2025-26 के लिए संस्थान की तीन शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं को कुल 30.08 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है।
विज्ञापन



पीएसआईटी के इलेक्ट्रानिक्स विभाग, कंप्यूटर साइंस और फार्मेसी विभाग को यह उपलब्धि हासिल हुई है। अधिकारियों का दावा है कि तीन शोध परियोजनाओं को एक साथ पाने वाला पीएसआईटी अकेला संस्थान है। चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने कहा कि यह संस्थान के लिए गर्व का क्षण है।
विज्ञापन


इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आएगा। वहीं डाॅ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि यह सफलता हमारी मेहनत और शोध क्षमता का परिणाम है। आने वाले समय में संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



इन विभागों में मिली शोध परियोजना
इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग : बायो-सेंसिंग तकनीक करेगा विकसित

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग को ट्रिपल मेटल वर्टिकल टीएफईटी डिवाइस पर आधारित शोध के लिए आठ लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इस परियोजना का नेतृत्व ग्रुप निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला और निदेशक प्रो. राघवेंद्र सिंह कर रहे हैं। यह शोध बायो-सेंसिंग तकनीक को विकसित करेगा जिससे बीमारियों की शुरुआती पहचान संभव हो सकेगी।

कंप्यूटर साइंस विभाग : ब्लॉक चेन से सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग को 7.72 लाख रुपये की ग्रांट मिली है। परियोजना का नेतृत्व डॉ. मनमोहन शुक्ला, डॉ. विशाल नागर, डॉ. बृजेश कुमार चौरसिया और मुख्य अन्वेषक डॉ. रोहित सक्सेना कर रहे हैं। इस शोध का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत ग्रेड कार्ड और क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम को ब्लॉक चेन आधारित सुरक्षित व पारदर्शी बनाना है।



फार्मेसी विभाग : हर्बल दवाओं पर आधुनिक शोध
पीएसआईटी-फार्मेसी विभाग को 14.36 लाख रुपये की मंजूरी मिली है। नेटवर्क फार्माकोलॉजी और मॉलिक्यूलर डॉकिंग पर आधारित यह शोध मधुमेह और उसकी जटिलताओं के इलाज में उपयोगी हर्बल इमल्जेल विकसित करने पर केंद्रित है। इस परियोजना का नेतृत्व डॉ. अंकिता वाल कर रही हैं जबकि सह-अन्वेषक डॉ. प्रणय वाल और डॉ. आशीष श्रीवास्तव हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed