Poisonous Chamber: निर्माणाधीन सीवर टैंक की शटरिंग खोलने उतरे थे युवक, दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत
बिठूर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान में सीवर टैंक की शटरिंग खोलने उतरे तीन मजदूरों की गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड और पुलिस ने रेस्क्यू कर तीनों को अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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कानपुर में बिठूर की चकरतनपुर नई बस्ती में रविवार दोपहर निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने उतरे तीन मजदूरों की जहरीली गैस से मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई व एक किशोर है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
काकादेव निवासी प्रदीप मिश्रा का चकरतनपुर नई बस्ती में मकान का निर्माण हो रहा था। पांच महीने से काम बंद है। वहां बनाए गए सेप्टिक टैंक में अभी भी शटरिंग लगी थी। शटरिंग रघुनाथपुर गांव निवासी मातादीन की है। मातादीन ने अपने दोनों बेटों मोहित गौतम (25) व नंदू गौतम (18) पड़ोस में रहने वाले साहिल (16) को शटरिंग खोलने के लिए रविवार को भेजा था।
दोपहर बाद तीनों शटरिंग खोलने पहुंचे। इनमें से कोई एक सबसे पहले टैंक में उतरा। उसका दम घुटता देख बचाने के लिए एक के बाद एक दोनों भी उसमें घुस गए। पुलिस, दमकल और इलाकाई लोगों ने मिलकर तीनों को बाहर निकालकर हैलट पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
मकान मालिक को नहीं पता था
एक अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड प्रदीप मिश्रा ने पुलिस को बताया कि उनको नहीं पता था कि मकान में मजदूर पहुंचे हैं। बगैर उनकी जानकारी के लिए शटरिंग खोलने के लिए पहुंचे थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि लंबे समय से मातादीन की शटरिंग प्रदीप के मकान में फंसी थी, जिससे उनका काम प्रभावित हो रहा था। इसलिए मातादीन ने शटरिंग खोलने के लिए तीनों को भेजा था।
गांव में मातम, अस्पताल में कोहराम
तीनों मृतक एक ही गांव के हैं। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। हैलट में तीन लाशों को देखकर कोहराम मच गया। यहां बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर भी मौके पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन के अफसरों ने भी पीड़ित परिजनों को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।