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यूपी के कानपुर में गंगा बैराज में तीन दोस्तों की डूबने से मौत, 3 लापता
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 09 Jul 2018 07:41 AM IST
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तीन दोस्तों की डूबने से मौत (फाइल फोटो)
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यूपी के कानपुर में गंगा बैराज में रविवार को नहाने गए छह दोस्त डूब गए। इनमें तीन भाई भी थे। बचे दोस्त ने घर पहुंचकर जानकारी दी तो हड़कंप मच गया। कोहना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर गोताखोरों की टीम गंगा में उतारी। गोतखोर सात घंटे की मशक्कत के बाद तीन दोस्तों के शव गंगा से निकाल सके। डूबे तीनों भाइयों का पता नहीं चला। पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह गोताखोरों को फिर नदी में उतारा जाएगा।
अजीतगंज बाबूपुरवा निवासी रफीक का बेटा साहबे आलम (13) किदवई नगर में रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान लगाता था। रविवार दोपहर वह मुहल्ले में रहने वाले दोस्त अमन (14), कैफ उर्फ कुन्ने (13), आदित्य (12), आदित्य के मौसेरे भाई अंशू (11) बाबा (13) व अभिषेक टइंया (14) के साथ गंगा बैराज गया। सातों दोस्त चार साइकिलों से दोपहर करीब दो बजे बैराज पहुंचे। गेट नंबर-20 के पास साइकिल खड़ी कीं। कपड़े उतारकर घाट के किनारे रखे और थोड़ी देर बाद एक साथ गंगा में कूद गए। साहबे आलम ने पुलिस को बताया कि उसे छोड़कर सभी गहरे पानी में डूब गए।
वह किसी तरह गंगा से बाहर निकला और दोस्तों की जान बचाने के लिए गुहार लगाई। वहां कोई मदद को नहीं आया। इस पर उसे कुछ समझ नहीं आया। वह घबरा गया और फौरन साइकिल से घर पहुंच गया। वहां अपने और दोस्तों के परिजनों को घटना की जानकारी दी। बकौल साहबे आलम उसकेपिता ने यूपी-100 पर सूचना दी। इसी बीच एक राहगीर ने भी साइकिलें और कपड़े घाट के किनारे रखे देख पुलिस को लड़कों के डूबने की आशंका जताते हुए सूचना दी। तब तक शाम के चार बज चुके थे।
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कोहना थानाप्रभारी राजेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर शुक्लागंज, उन्नाव और आसपास के क्षेत्रों से प्राइवेट गोताखोरों के साथ पुलिस के गोताखोर बुलाए। 15 गोताखोरों की टीम ने गंगा में छह दोस्तों की तलाश शुरू की। रात करीब 11 बजे गोताखोर रुस्तम के बेटे अमन, दिवंगत हरिनाम सिंह के बेटे अभिषेक उर्फ टइंया और कैफ उर्फकुन्ने का शव निकाल सके। के मुताबिक देर रात गोताखोरों ने लड़कों की तलाश का काम बंद किया है। सोमवार को गोताखोरों को फिर गंगा में उतारा जाएगा।
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अजीतगंज बाबूपुरवा निवासी रफीक का बेटा साहबे आलम (13) किदवई नगर में रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान लगाता था। रविवार दोपहर वह मुहल्ले में रहने वाले दोस्त अमन (14), कैफ उर्फ कुन्ने (13), आदित्य (12), आदित्य के मौसेरे भाई अंशू (11) बाबा (13) व अभिषेक टइंया (14) के साथ गंगा बैराज गया। सातों दोस्त चार साइकिलों से दोपहर करीब दो बजे बैराज पहुंचे। गेट नंबर-20 के पास साइकिल खड़ी कीं। कपड़े उतारकर घाट के किनारे रखे और थोड़ी देर बाद एक साथ गंगा में कूद गए। साहबे आलम ने पुलिस को बताया कि उसे छोड़कर सभी गहरे पानी में डूब गए।
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वह किसी तरह गंगा से बाहर निकला और दोस्तों की जान बचाने के लिए गुहार लगाई। वहां कोई मदद को नहीं आया। इस पर उसे कुछ समझ नहीं आया। वह घबरा गया और फौरन साइकिल से घर पहुंच गया। वहां अपने और दोस्तों के परिजनों को घटना की जानकारी दी। बकौल साहबे आलम उसकेपिता ने यूपी-100 पर सूचना दी। इसी बीच एक राहगीर ने भी साइकिलें और कपड़े घाट के किनारे रखे देख पुलिस को लड़कों के डूबने की आशंका जताते हुए सूचना दी। तब तक शाम के चार बज चुके थे।
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कोहना थानाप्रभारी राजेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर शुक्लागंज, उन्नाव और आसपास के क्षेत्रों से प्राइवेट गोताखोरों के साथ पुलिस के गोताखोर बुलाए। 15 गोताखोरों की टीम ने गंगा में छह दोस्तों की तलाश शुरू की। रात करीब 11 बजे गोताखोर रुस्तम के बेटे अमन, दिवंगत हरिनाम सिंह के बेटे अभिषेक उर्फ टइंया और कैफ उर्फकुन्ने का शव निकाल सके। के मुताबिक देर रात गोताखोरों ने लड़कों की तलाश का काम बंद किया है। सोमवार को गोताखोरों को फिर गंगा में उतारा जाएगा।