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58 साल बाद एक माह में तीन ग्रहण, जानिए किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा
Thu, 04 Jun 2020 05:15 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 04 Jun 2020 05:15 PM IST
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ग्रहण 2020
- फोटो : अमर उजाला
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58 साल बाद एक महीने के अंतराल में तीन ग्रहण पड़ रहे हैं। पांच जून को मांद्य चंद्र ग्रहण, 21 जून को चूड़ामणि सूर्य ग्रहण और पांच जुलाई को फिर से मांद्य चंद्र ग्रहण पड़ेगा। ज्योतिषियों की माने तो इससे पूर्व सन् 1962 में ऐसा योग आया था। तब भी तीन ग्रहण पड़े थे। हालांकि चंद्र ग्रहण का भारत पर कोई असर नहीं रहेगा। सिर्फ सूर्य ग्रहण का ही प्रभाव रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के मुताबिक पांच जून को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा, 21 जून को आषाढ़ मास की अमावस्या और पांच जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा है। इन तीनों तिथियों में ही ग्रहण पड़ रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पवन तिवारी के मुताबिक पांच जून को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
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पांच जून और पांच जुलाई के दोनों चंद्र ग्रहण मांद्य हैं। अत: इनका भारत या फिर किसी भी राशि पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा। वहीं, 21 जून वाला सूर्य ग्रहण भारत, अफ्रीका समेत यूरोप में दिखेगा। इसका 12 राशियों पर असर पड़ेगा।
तब भी शनि वक्री हुए थे
सन् 1962 में भी शनि मकर राशि में वक्री हुए थे। उस वर्ष 17 जुलाई को मांद्य चंद्र ग्रहण, 31 जुलाई को सूर्य ग्रहण और 15 अगस्त को पुन: मांद्य चंद्र ग्रहण पड़ा था।
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ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के मुताबिक पांच जून को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा, 21 जून को आषाढ़ मास की अमावस्या और पांच जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा है। इन तीनों तिथियों में ही ग्रहण पड़ रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पवन तिवारी के मुताबिक पांच जून को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
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पांच जून और पांच जुलाई के दोनों चंद्र ग्रहण मांद्य हैं। अत: इनका भारत या फिर किसी भी राशि पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा। वहीं, 21 जून वाला सूर्य ग्रहण भारत, अफ्रीका समेत यूरोप में दिखेगा। इसका 12 राशियों पर असर पड़ेगा।
तब भी शनि वक्री हुए थे
सन् 1962 में भी शनि मकर राशि में वक्री हुए थे। उस वर्ष 17 जुलाई को मांद्य चंद्र ग्रहण, 31 जुलाई को सूर्य ग्रहण और 15 अगस्त को पुन: मांद्य चंद्र ग्रहण पड़ा था।
सूर्यग्रहण का सूतक 20 जून से शुरू होगा
कानपुर। 21 जून को चूड़ामणि सूर्यग्रहण का ग्रहण काल सुबह 9:15 से दोपहर 3:04 बजे तक रहेगा। पूर्ण ग्रहण सुबह 10:17 से दोपहर 2:02 बजे तक रहेगा। इस कारण 20 जून की रात दस बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा।
सूर्यग्रहण का प्रभाव
मेष : पद व सम्मान की प्राप्ति
वृषभ : व्यापार में हानि, परेशानी
मिथुन : घटना-दुर्घटना
कर्क : चोट लगने की आशंका
सिंह : जीवनसाथी को सुख
कन्या : शुभ समाचार
तुला : वाद-विवाद हो सकता है
वृश्चिक : परेशानी
धनु : जीवनसाथी को कष्ट
मकर : शुभ
कुंभ : तनाव व मानसिक परेशानी
मीन : अधिक खर्च
कानपुर। 21 जून को चूड़ामणि सूर्यग्रहण का ग्रहण काल सुबह 9:15 से दोपहर 3:04 बजे तक रहेगा। पूर्ण ग्रहण सुबह 10:17 से दोपहर 2:02 बजे तक रहेगा। इस कारण 20 जून की रात दस बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा।
सूर्यग्रहण का प्रभाव
मेष : पद व सम्मान की प्राप्ति
वृषभ : व्यापार में हानि, परेशानी
मिथुन : घटना-दुर्घटना
कर्क : चोट लगने की आशंका
सिंह : जीवनसाथी को सुख
कन्या : शुभ समाचार
तुला : वाद-विवाद हो सकता है
वृश्चिक : परेशानी
धनु : जीवनसाथी को कष्ट
मकर : शुभ
कुंभ : तनाव व मानसिक परेशानी
मीन : अधिक खर्च