{"_id":"5c51ef72bdec224bff2416f3","slug":"three-cattle-died-in-hardoi-with-in-four-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"4 दिन में 3 गोवंश की मौत, सड़ रहे हैं शव और जिम्मेदारों का ये है रवैया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
4 दिन में 3 गोवंश की मौत, सड़ रहे हैं शव और जिम्मेदारों का ये है रवैया
Thu, 31 Jan 2019 12:09 AM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 31 Jan 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
आश्रय स्थल में घूमते आवारा जानवर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के हरदोई जिले में पशु आश्रय स्थलों में अव्यवस्था के कारण आवारा जानवरों की जान पर बन आई है। चार दिन में तीन गोवंश दम तोड़ चुके हैं। कोई जिम्मेदार हालात देखने नहीं आया। नयागांव मुबारकपुर आश्रय स्थल में तीन दिन से एक गाय और बछड़ा मृत पड़ा है।
जिले में दो पशु आश्रय स्थल स्थायी तौर पर संचालित हैं। इनमें बहर गांव और नयागांव मुबारकपुर आश्रय स्थलों की शुरुआत जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कराई थी। मंगलवार देर शाम भी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर पशु आश्रय स्थलों के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। लेकिन पशु आश्रय स्थलों में अनदेखी के कारण गोवंशों की मौत होने लगी है।
नयागांव मुबारकपुर आश्रय स्थल में सोमवार शाम को एक गाय ने दम तोड़ दिया तो वहीं मंगलवार सुबह बछड़े की भी मौत हो गई। ग्राम विकास अधिकारी राजेश वर्मा ने इसकी सूचना पशु पालन विभाग के चिकित्साधिकारियों को भी दी और पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। लेकिन उनकी ओर से छुट्टी पर हैं, दूसरे को भेज रहे हैं कि बात कही गई।
विज्ञापन
सचिव ने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह को भी मंगलवार को फोन करके घटना से अवगत कराया। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी से बात करने को कहा, लेकिन बुधवार शाम तक कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। वहां मौजूद सफाई कर्मियों ने मृत गाय के ऊपर पॉलिथीन डाल दी। देर शाम ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि उनके आश्रय स्थल में करीब 250 गोवंश हैं। चार दिन पहले एक सांड़ की रीढ़ की हड्डी टूटने से मौत हुई थी। उसका पोस्टमार्टम कराकर ग्राम सभा की जमीन में दफना दिया गया था। व्यवस्था की आला अधिकारियों को जानकारी दी है।
विज्ञापन
जिले में दो पशु आश्रय स्थल स्थायी तौर पर संचालित हैं। इनमें बहर गांव और नयागांव मुबारकपुर आश्रय स्थलों की शुरुआत जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कराई थी। मंगलवार देर शाम भी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर पशु आश्रय स्थलों के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। लेकिन पशु आश्रय स्थलों में अनदेखी के कारण गोवंशों की मौत होने लगी है।
विज्ञापन
नयागांव मुबारकपुर आश्रय स्थल में सोमवार शाम को एक गाय ने दम तोड़ दिया तो वहीं मंगलवार सुबह बछड़े की भी मौत हो गई। ग्राम विकास अधिकारी राजेश वर्मा ने इसकी सूचना पशु पालन विभाग के चिकित्साधिकारियों को भी दी और पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। लेकिन उनकी ओर से छुट्टी पर हैं, दूसरे को भेज रहे हैं कि बात कही गई।
विज्ञापन
सचिव ने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह को भी मंगलवार को फोन करके घटना से अवगत कराया। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी से बात करने को कहा, लेकिन बुधवार शाम तक कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। वहां मौजूद सफाई कर्मियों ने मृत गाय के ऊपर पॉलिथीन डाल दी। देर शाम ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि उनके आश्रय स्थल में करीब 250 गोवंश हैं। चार दिन पहले एक सांड़ की रीढ़ की हड्डी टूटने से मौत हुई थी। उसका पोस्टमार्टम कराकर ग्राम सभा की जमीन में दफना दिया गया था। व्यवस्था की आला अधिकारियों को जानकारी दी है।