फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Those in the car crossed all limits of cruelty; the police, choosing to ignore this, claimed it was an accident.

Kanpur News: कार सवारों ने पार की यातनाओं की हद, पुलिस नजरअंदाज कर बोली-हादसा हुआ

Thu, 22 Oct 2026 01:25 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
Those in the car crossed all limits of cruelty; the police, choosing to ignore this, claimed it was an accident.
कानपुर। हनुमंत विहार में बीरू भदौरिया को कार सवारों ने इस कदर यातनाएं दीं कि एक बार मौत की भी रुह कांप जाए। उन्हें पहले कार से टक्कर मारी। इसके बाद जमकर लात घूंसों से पीटा। हमलावरों का इतने से मन नहीं भरा तो कार की छत पर लिटाकर इलाके में घुमाकर अपना दुस्साहस का परिचय दिया। अंगुलियों को कार के शीशे में दबाया गया जिससे उनकी अंगुलियां तक पिचक गईं। इसके बाद सुनसान जगह पर कार से रौंदकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। इसके बाद भी उनके परिजन को पुलिस ने न्याय दिलाने के बजाय सीधे बड़े मामले का ही गला घोंटकर आरोपियों की करगुजारी को बल देने का काम किया।
विज्ञापन

लापरवाह पुलिस ने घटना का कारण जानने के लिए खुद इलाके में लगे सीसी कैमरों के फुटेज चेक नहीं किए। परिजन को शक हुआ तो खुद ही सीसी कैमरे के फुटेज खोजकर पुलिस के पास पहुंचे। आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर भी दी। बताया कि कुछ दिन पहले बीरू का इन्हीं लोगों के साथ विवाद हुआ था। कार जिसके नाम पर पंजीकृत है वो कार भी उनमें से एक आरोपी की निकली। इसके बावजूद पुलिस ने घटना के 18 घंटे बाद अज्ञात के खिलाफ मामूली धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।
विज्ञापन

प्राथमिकी दर्ज करने से पहले ही पुलिस को जो वीडियो दिखाए गए उसमें कार सवार गलियों में कार को तेज रफ्तार में लगातार हॉर्न बजाकर भगाते नजर आ रहे हैं। कार की छत पर युवक भी दिख रहा है। इतनी रफ्तार में कार होने के बावजूद साफ है कि उसकी अंगुलियां कार के शीशों में दबी रही होंगी जिससे वह कार से गिर भी नहीं रहा। इन सभी बातों को नजरअंदाज कर पुलिस ने इस साधारण हादसा मान लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, देर शाम पुलिस ने अपने बचाव में बीरू के कुछ सीसीटीवी फुटेज निकाल लिए जिसमें वह अपने एक मित्र के साथ बाइक पर जाता दिखाई दे रहा। इस दौरान वह एक जगह उतर कर हाथ में डंडा लिए हुए इधर-उधर चलाता दिख रहा है। ऐसे में पुलिस का दावा है कि वह नशे में था। सवाल इस बात है कि क्या किसी के नशे में होने या हाथ में डंडा लेने पर किसी अन्य को उसकी हत्या करने का अधिकार मिल जाता है।
परिजन के अनुसार बीरू का एक्सीडेंट होने की सूचना पर जब वह मौके पर पहुंचे तो उसके शरीर में चोटों के निशान थे। आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। कुछ देर में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद जब शरीर देखा तो पूरे शरीर में चोटों के निशान थे। अंगुलियां पिच्चा हो गई थीं। इसके बावजूद पुलिस ने परिजन की दी हुई नामजद तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज न कर पूर्व में लिखवाई गई तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
करीब दो दर्जन सीसी कैमरों में कार सवारों का दुस्साहस कैद होने के बाद हनुमंत विहार थाने के प्रभारी यही मानते रहे कि हो सकता है कार चालक को पता ही न हो कि जिससे टक्कर हुई है वह कार की छत पर मौजूद है।
पिता रामशंकर ने बताया कि जिन आरोपियों ने बेटे को कार से टक्कर मारने के बाद रौंदा उन्हीं आरोपियों से कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। मामला पुलिस के पास भी गया था जिसमें दोनों पक्षों का समझौता हुआ था। हालांकि, आरोपी खुन्नस पाले थे। मंगलवार को बेटे को अकेला पाकर घटना को अंजाम दे दिया। जिस हॉन्डा अमेज कार से हादसा हुआ वह कार उसकी के नाम पंजीकृत है।

--
परिजनों की ओर से दी गई तहरीर पर प्राथमिकी हुई है। पुलिस को बाद में दूसरी तहरीर मिली है। उसे भी विवेचना में जोड़ा जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं।
- दीपेंद्रनाथ चौधरी, डीसीपी साउथ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed