{"_id":"5c21c73bbdec2256b262e555","slug":"this-new-technique-of-unconsciousness-is-more-secure","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बेहोशी की नई तकनीक से इलाज अधिक सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेहोशी की नई तकनीक से इलाज अधिक सुरक्षित
Tue, 25 Dec 2018 01:12 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 25 Dec 2018 01:12 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनेस्थीसिया के क्षेत्र में मरीज को बेहोश करने की नई तकनीकों के आने से गंभीर रोगियों का इलाज अधिक सुरक्षित हो गया है। इनमें एक ब्लॉक तकनीक है। इसमें अंग विशेष (सर्जरी जहां होनी है) को सुन्न किया जाता है।
यह जानकारी कानपुर में जेम्स कॉन-2018 में अमेरिका के अनेस्थेटिस्ट डॉ. प्रवीण कालरा ने दी। उन्होंने बताया कि अब बेहोशी की दवा देने के पहले मरीज के ब्रेन की आक्सीजन का पता लगाया जा सकता है।
इससे स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को कितनी दवा देना है। इसके साथ ही रोगी को दी जाने वाली बेहोशी की दवा से निकलने वाली गैस के खतरों से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
यह जानकारी कानपुर में जेम्स कॉन-2018 में अमेरिका के अनेस्थेटिस्ट डॉ. प्रवीण कालरा ने दी। उन्होंने बताया कि अब बेहोशी की दवा देने के पहले मरीज के ब्रेन की आक्सीजन का पता लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
इससे स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को कितनी दवा देना है। इसके साथ ही रोगी को दी जाने वाली बेहोशी की दवा से निकलने वाली गैस के खतरों से बचा जा सकता है।
डेमो पिक
बेहोशी की दवा से निकलने वाली गैस डेसफ्लोरिन कार्बन से 10 गुना अधिक खतरनाक होती है। डॉ. प्रवीण मेडिकल कालेज के 1988 बैच के एमबीबीएस हैं। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग से बचाव के लिए मेडिकल कचरे को न्यूनतम करने की जरूरत है।
इस वक्त ऐसी तकनीक पर शोध किया जा रहा है कि मेडिकल कचरा न्यूनतम निकले। इसके साथ ही कचरे के निस्तारण की सही ढंग से व्यवस्था की जानी चाहिए।
इस वक्त ऐसी तकनीक पर शोध किया जा रहा है कि मेडिकल कचरा न्यूनतम निकले। इसके साथ ही कचरे के निस्तारण की सही ढंग से व्यवस्था की जानी चाहिए।