फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   There's plenty of supply, but no buyers; hotels and factories have abandoned LPG.

Kanpur News: सप्लाई तो भरपूर, पर खरीदार नहीं, होटल-फैक्टरियों ने छोड़ा एलपीजी का साथ

Sun, 18 Oct 2026 01:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 18 Oct 2026 01:58 AM IST
विज्ञापन
There's plenty of supply, but no buyers; hotels and factories have abandoned LPG.
कानपुर देहात। पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई तो ज्यादातर उद्यमियों ने वैकल्पिक व्यवस्था बना ली। नतीजा, अब कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति भरपूर है, पर मांग घट गई है। दूसरी ओर, पेट्रोलियम कंपनियां गैस एजेंसी संचालकों पर बिक्री का दबाव बना रही हैं।
विज्ञापन

कॉमर्शियल सिलिंडरों की सर्वाधिक जरूरत होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और गत्ता फैक्टरी समेत अन्य औद्योगिक इकाइयों में होती है। आपूर्ति प्रभावित होने पर कारोबारियों ने पीएनजी कनेक्शन ले लिए। इंडक्शन व कोयले की भट्ठी जैसे विकल्प भी अपनाए। इससे एलपीजी पर निर्भरता कम हुई है। अब कॉमर्शियल सिलिंडरों की मांग सामान्य दिनों के सापेक्ष 30 फीसदी घट गई है।
विज्ञापन

गैस एजेंसी संचालकों का आरोप है कि कंपनियां उन पर सिलिंडर उठाने और बेचने का दबाव बना रही हैं। जितने सिलिंडर की मांग भेजी जाती है, पेट्रोलियम कंपनी उससे ज्यादा भेज रही हैं। इसके अलावा 14 किलो वाले सिलिंडर की मांग करने पर उनके स्थान पर कई कॉमर्शियल सिलिंडर भेज दिए जा रहे हैं। ऐसे में उनको भंडारण करना परेशानी का सबब बन रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

.................
एजेंसी सरेंडर करने या बेचने की विवशता
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विमल कुमार तिवारी ने बताया कि लगातार घाटे और दबाव के चलते कुछ एजेंसी संचालक कारोबार बंद करने या बेचने पर विचार कर रहे हैं। हालात यह हैं कि कंपनियों से घरेलू सिलिंडर के लिए मांग भेजा जाता है, लेकिन वहां से उनके स्थान पर काफी संख्या में कॉमर्शियल सिलिंडर भेज दिए जा रहे हैं। हाल ही में समस्या को लेकर डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। इसके अलावा प्रदेशभर के डिस्ट्रीब्यूटर अब आंदोलन करने का विचार कर रहे हैं। इस संबंध में लगातार बैठकें जारी हैं।
...............
आपात स्थिति के लिए विकल्प अपनाना जरूरी
युद्ध के दौरान कॉमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित रही। कई दिनों तक के बाद कारोबारियों ने वैकल्पिक साधन अपनाए। अब आपूर्ति भरपूर है पर कीमत दोगुनी हो गई है। ऐसे में इसके उपयोग से तैयार उत्पाद की लागत बढ़ेगी। लिहाजा, वैकल्पिक साधन ही कारोबार के लिहाज से उपयुक्त हैं। - संदीप कोचर, उद्यमी
................
सिलिंडर के अभाव में झेलनी पड़ी समस्या
सिलिंडर का अभाव होने के कारण बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा, उस दौरान कारोबार भी प्रभावित हुआ। ऐसे में उद्यमियों को पीएनजी व अन्य वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाना पड़ा। अब कॉमर्शियल सिलिंडर मिलने शुरू हो गए हैं, लेकिन ज्यादातर काम वैकल्पिक व्यवस्था से किए जा रहे हैं। अब पीएनजी का उपयोग बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही हो रहा है। - हरदीप सिंह राखरा, उद्यमी

................
बयान.....
पीएनजी समेत अन्य विकल्प अपनाने से कॉमर्शियल एलपीजी की मांग पहले से कम हुई है। कॉमर्शियल सिलिंडरों का मामला सीधे एजेंसी और पेट्रोलियम कंपनियों से जुड़ा है। अगर बिक्री के लिए दबाव बनाने की शिकायत आएगी तो मामले को दिखवाया जाएगा। - अभिषेक कुरील, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed