Kanpur: दो लेन की वजह से लगता है जाम, चार लेन का होगा नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे, डीएम ने प्रस्ताव बनाने को कहा
Kanpur News: जिलाधिकारी ने दुर्घटना व जाम से निजात पाने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन भी किया है। कहा कि ओवरलोडिंग व ओवर स्पीडिंग वाहनों की वजह से जो भी दुर्घटनाएं होगी उसकी जिम्मेदारी खनन विभाग व ट्रांसपोर्ट विभाग की होगी।
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कानपुर में नौबस्ता से हमीरपुर तक 60 किमी लंबे हाईवे को फोर लेन किया जाएगा। अभी यह दो लेन का है, जिसकी वजह से इस पर रोजाना जाम और दुर्घटनाएं हो रही हैं। यह जानकारी एनएचएआई के अधिकारियों ने शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की ओर से सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बुलाई गई बैठक में दी है। डीएम ने एडीएम राजस्व को फोन लेन का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश भी दिया। एक दिन पहले कानपुर-सागर हाईवे पर दुर्घटना व ट्रैफिक जाम को देखते हुए जिलाधिकारी ने आए दिन जाम और मार्ग दुर्घटनाओं वजह पूछी।
इस पर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नौबस्ता चौराहा से हमीरपुर रोड 2016 में दो लेन बनाया गया था, जिसकी चौड़ाई पर्याप्त नहीं है। इसकी वजह से यह दिक्कत आ रही है। डीएम ने विभागीय अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि अभी तक जो भी ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं उन पर भी पिछले एक वर्ष से कोई ठोस काम नहीं किया गया है। डीएम ने कहा कि इस लापरवाही के लिए एनएच के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अलग से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
50 टन की क्षमता वाले हाइड्रा की तैनाती की जाए
कहा कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी जिनके संज्ञान में आने पर भी दुर्घटनाओं व सड़क जाम को रोक नहीं जा सका। जिलाधिकारी ने दुर्घटना व जाम से निजात पाने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन भी किया है। कहा कि ओवरलोडिंग व ओवर स्पीडिंग वाहनों की वजह से जो भी दुर्घटनाएं होगी उसकी जिम्मेदारी खनन विभाग व ट्रांसपोर्ट विभाग की होगी। जुर्माने की राशि भी बढ़ाने पर विचार किया गया। निर्देश दिया कि नौबस्ता बाईपास से हमीरपुर के बीच 50 टन की क्षमता वाले हाइड्रा की तैनाती की जाए।
एनपीआर कैमरे का डाटा करेंगे उपयोग
हमीरपुर बॉर्डर पर लगाए गए डाटा एनपीआर कैमरे में जो भी डाटा एकत्र हुआ है उसे अभी तक खनन विभाग के अधिकारियों ने इस्तेमाल नहीं किया है। डीएम ने निर्देश दिया कि एनपीआर कैमरे से जो चेकिंग होती है, उसका डेटा उपयोग करेंगे। साथ ही डिस्ट्रिक्ट मिनरल्स फंड से जनपद में भी चेकिंग की व्यवस्था की जाएगी। जिससे गलत नंबर प्लेट, ओवरलोडिंग व ओवर स्पीडिंग को चेक किया जा सकता है I
यह दिए गए निर्देश
- सड़क के किनारे जो अवैध कट व रोड के चौड़ीकरण की पटरी का जो दुरुपयोग हो रहा है, उसे रोका जाए।
- खनन परिवहन विभाग और पुलिस मिलकर ओवरलोडिंग की चेकिंग करें व उन पर भारी फाइन लगाते हुए मुकदमा भी दर्ज करें
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी 60 किलोमीटर की दूरी के बीच सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों की लोकेशन, मोबाईल नंबर हाइवे के के प्रमुख स्थानों पर चस्पा कराएं।
- हाईवे पर ई-रिक्शा को नियंत्रित किया जाए।
- समुचित संख्या में पेट्रोलिंग व्हीकल लगाई जाए।