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Kanpur News: महिलाओं के नाम से वाहन 30 हजार, लाइसेंस सिर्फ 3441 के पास

Thu, 17 Jul 2025 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Thu, 17 Jul 2025 12:49 AM IST
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There are 30 thousand vehicles in the name of women, but only 3441 have licenses
कानपुर देहात। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक लाख 22 हजार वाहन दो पहिया, चार पहिया पंजीकृत हैं। इनमें से 30 हजार वाहन महिलाओं के नाम हैं। मगर लाइसेंस 3441 महिलाओं ने ही बनवा रखा है। बाकी बगैर डीएल वाहन चला रही हैं।
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इसके पीछे कई कारण हैं। जागरूकता की कमी, पारिवारिक दबाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण महिलाएं डीएल बनवाने से कतराती हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक वर्ष करीब 20 फीसदी वाहन महिलाओं के नाम से पंजीकृत होते हैं। हालांकि पिछले आठ महीने के आकड़ों को देखें तो ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या में 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। हर साल करीब सात से आठ हजार ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। इसमें भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस शामिल नहीं हैं। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं बहुत पीछे हैं। जो बनवाती भी है उनमें अधिकांश छात्राएं या फिर कामकाजी महिलाएं होती है। विभाग के आंकड़ों में अब तक 3441 महिलाओं ने ही लाइसेंस बनवाएं हैं।
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विभाग की तरफ से चलाए जा रहे हैं कई अभियान

सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग कई जागरुकता अभियान चला रहा है। इसमें यातायात नियमों का पालन करने के साथ बिना लाइसेंस वाहन न चलाने पर काफी जोर है। इसके बाद भी लोग महिलाओं के नाम वाहन तो खरीद रहे हैं, लेकिन लाइसेंस बनवाने में पीछे हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि महिलाएं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पीछे हैं। उन्हें यह समझना होगा कि ड्राइविंग एक महत्वपूर्ण कौशल है और यह उनकी स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता के लिए बहुत जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं को ड्राइविंग के प्रति जागरूक करने के लिए कई अभियान विभाग की तरफ से चलाए जा रहे हैं। अभिभावकों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने व ड्राइविंग सीखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। हालांकि, कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जिन्होंने सभी बाधाओं को पार करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है और वे अब वाहन चला रही हैं।
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ये भी हैं कारण

- सुरक्षा वजहों से भी महिलाओं का डीएल बनवाने से लोग कतराते हैं।

- पारिवारिक दबाव के चलते भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं लाइसेंस बनवाने में पीछे रह जाती हैं।

- विशेष अवसर पर लोग महिलाओं को गिफ्ट देने के लिए उनके नाम गाड़ी तो खरीदते हैं, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस अपने नाम बनवाते हैं।
- पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की डीएल चेकिंग में पुलिस आमतौर पर शिथिलता बरतती हैं।
- जागरूकता की कमी भी एक वजह मानी जा रही है।
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वर्जन-
जिले में पंजीकृत दो व चार पहिया वाहनों में 20 फीसदी वाहन महिलाओं के नाम से हैं। लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या कम है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं ही लाइसेंस बनवा रही हैं। इसके लिए अभिभावकों को अपनी सोच बदलने के साथ जागरूकता लाने की आवश्यकता है।

- प्रशांत तिवारी, एआरटीओ, प्रशासन
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