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Kanpur News: समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान करना ही पं. दीनदयाल की सीख

Fri, 26 Sep 2025 05:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 05:24 AM IST
सार

कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें उनके एकात्म मानववाद और स्वदेशी विचारों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने युवाओं को स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया।

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The true lesson of Pandit Deendayal is to uplift the poorest member of society
विवि में कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथि।  - फोटो : संस्था

विस्तार

कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में गुरुवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर संगोष्ठी हुई। इसका विषय पं. दीनदयाल उपाध्याय : जीवन दर्शन एवं चिंतन रहा। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रामजी भाई ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान करना ही पं. दीनदयाल की सीख है।
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उन्होंने एकात्म मानववाद के चार सूत्र धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को विस्तार से बताया। मुख्य वक्ता राष्ट्रधर्म प्रकाशन के प्रभारी निदेशक सर्वेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने स्वदेशी वैचारिक ढांचा प्रस्तुत किया जो न्यायपूर्ण और समृद्ध समाज के निर्माण की राह दिखाता है।
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विशिष्ट अतिथि ज्ञानेंद्र मिश्रा ने उनके सादगीपूर्ण जीवन के साथ अन्य अनुभव साझा किए। अध्यक्षता कर रहे प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कहा कि यदि भारतीय युवा शक्ति को स्वदेशी का पाठ पढ़ाया जाए तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। संचालन दीनदयाल शोध केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. दिवाकर अवस्थी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ आचार्य श्रवण कुमार द्विवेदी ने किया।
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