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Kanpur News: किशोरी को बेचने के मामले में जयपुर पहुंची टीम
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कानपुर। हंसपुरम की किशोरी को बेचने के मामले में पुलिस मुख्य आरोपी सौरभ गुप्ता की रिमांड के दूसरे दिन रविवार को उसे जयपुर लेकर पहुंची। पुलिस की टीम सीकर के अंखुरिया में उस स्थान पर पहुंची, जहां से गायत्री सर्व समाज सामूहिक संस्था को संचालित करती थी।
इससे पहले शनिवार रात से लेकर रविवार तड़के तक आरोपी पुलिस टीम को अपने मोबाइल की तलाश में इधर-उधर घुमाता रहा। आरोपी रातभर पहले हंसपुरम स्थित घर के पास अपना मोबाइल फेंकने की बात कहकर टहलता रहा। इसके बाद कहा कि हमीरपुर रोड किनारे नाले में फेंका है। टीम वहां पहुंची तो बोला सेंट्रल स्टेशन के पास फेंका है। दूसरे दिन भी शातिर आरोपी ने पुलिस को खूब गुमराह किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जयपुर के लिए निकलने के दौरान टीम कानपुर देहात के उस ढाबे पर भी गई जहां शहर से निकलने के बाद आरोपियों ने किशोरी के साथ खाना खाया था। हालांकि ढाबे के कर्मचारियों ने उसे नहीं पहचाना। पूछताछ के दौरान पुलिस टीम को आरोपी ने बताया कि 29 मार्च को मेंहदीपुर बालाजी जाने के लिए रात में निकले थे। अगले दिन की सुबह सभी कार से बालाजी पहुंचे, लेकिन मंदिर नहीं गए। रास्ते में ही सुमन और उसकी बेटी पलक ने एक होटल में कमरा लिया और वहीं रुक गए।
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टीम आरोपी के बताए रास्ते के आधार पर वहां लेकर पहुंची, जहां उसने होटल भूलने की बात कही। इसके बाद टीम उसे लेकर तीन होटलों में लेकर पहुंची। वहां से जानकारी जुटाकर टीम सीकर के अंखुरिया गायत्री के उस स्थान में पहुंची, जहां वह सामूहिक विवाह कराती थी। वहां से साक्ष्य जुटाने के बाद टीम 15 किमी दूर उस जनसेवा केंद्र पर लेकर पहुंची, जहां किशोरी का फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाया गया लेकिन जनसेवा केंद्र बंद मिला।
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इससे पहले शनिवार रात से लेकर रविवार तड़के तक आरोपी पुलिस टीम को अपने मोबाइल की तलाश में इधर-उधर घुमाता रहा। आरोपी रातभर पहले हंसपुरम स्थित घर के पास अपना मोबाइल फेंकने की बात कहकर टहलता रहा। इसके बाद कहा कि हमीरपुर रोड किनारे नाले में फेंका है। टीम वहां पहुंची तो बोला सेंट्रल स्टेशन के पास फेंका है। दूसरे दिन भी शातिर आरोपी ने पुलिस को खूब गुमराह किया।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार जयपुर के लिए निकलने के दौरान टीम कानपुर देहात के उस ढाबे पर भी गई जहां शहर से निकलने के बाद आरोपियों ने किशोरी के साथ खाना खाया था। हालांकि ढाबे के कर्मचारियों ने उसे नहीं पहचाना। पूछताछ के दौरान पुलिस टीम को आरोपी ने बताया कि 29 मार्च को मेंहदीपुर बालाजी जाने के लिए रात में निकले थे। अगले दिन की सुबह सभी कार से बालाजी पहुंचे, लेकिन मंदिर नहीं गए। रास्ते में ही सुमन और उसकी बेटी पलक ने एक होटल में कमरा लिया और वहीं रुक गए।
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टीम आरोपी के बताए रास्ते के आधार पर वहां लेकर पहुंची, जहां उसने होटल भूलने की बात कही। इसके बाद टीम उसे लेकर तीन होटलों में लेकर पहुंची। वहां से जानकारी जुटाकर टीम सीकर के अंखुरिया गायत्री के उस स्थान में पहुंची, जहां वह सामूहिक विवाह कराती थी। वहां से साक्ष्य जुटाने के बाद टीम 15 किमी दूर उस जनसेवा केंद्र पर लेकर पहुंची, जहां किशोरी का फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाया गया लेकिन जनसेवा केंद्र बंद मिला।