फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   The speed of the car was fast, there was screaming within five minutes

Kanpur News: तेज थी कार की रफ्तार, पांच मिनट में मची चीख पुकार

Fri, 24 Jan 2025 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 24 Jan 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
The speed of the car was fast, there was screaming within five minutes
कानपुर देहात। बरात में पहले पहुंचने की जल्दबाजी और कार की तेज रफ्तार ने तीन दोस्तों की जान ले ली। पीछे से पहुंचे लोगों ने हादसे का मंजर देखा तो रोंगटे खड़े हो गए। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी भी सहमें नजर आए।
विज्ञापन

जैसलपुर निवासी नरेंद्र सिंह के बेटे ज्ञानेंद्र की बरात मंगलवार को उरई के एक गेस्ट हाउस में गई थी। बरात में शामिल होने के लिए अलग अलग कार से लोग रवाना हुए। एक कार में नरेंद्र का छोटा बेटा धीरेंद्र अपने दोस्त भाल निवासी लक्ष्मण, विनय सिंह, राजपुर के पटेल नगर निवासी राघव दीक्षित, मुखर्जी नगर के रिशू पांडेय, आंबेडकर नगर के हरिओम के साथ निकले थे। इनके पीछे ही एक कार से भाल निवासी अनिल भी चल रहे थे। अनिल हादसे को बताते हुए सिसक पड़े। बताया कि उनके आंखों के सामने ही तीन दोस्तों को मौत खींच ले गई।
विज्ञापन

उन्होंने बताया जिस कार से धीरेंद्र व उसके दोस्त चल रहे थे। उनसे एक किलो मीटर के फासले से वह भी चल रहे थे। आगे चल रही कार की रफ्तार तेज थी। जैसे ही वह चुर्खी रोड पर सुहाखर खेरा व ककहरा गांव के बीच पहुंची तभी बेकाबू होकर पलट गई। देखते ही देखते पांच मिनट के अंतराल में कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे देख अनिल ने कार रुकवाई और लोगों की मदद से सबसे पहले कार में दबे विनय सिंह व लक्ष्मण सिंह को बाहर निकालकर उरई के मेडिकल काॅलेज पहुंचाया। वहीं अन्य घायलों को पीछे से आए लोग पुलिस की मदद से अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर विनय, राघव, लक्ष्मण की मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

................
घायल दोस्तों की हालत में सुधार
हादसे में घायल दूल्हे के भाई धीरेंद्र व उसके दोस्त रिशू पांडेय, हरिओम का कानपुर के हैलट अस्पताल में इलाज चल रहा है। धीरेंद्र के हाथ व पैर में चोट है। अब वह खतरे से बाहर है। वहीं रिशू व हरिओम के सिर में गंभीर चोटें हैं। तीनों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। परिवार के लोगों के मुताबिक तीनों के हालत में सुधार है।
.............
बेटे का शव देखते ही बदहवाश हो गया पिता अनूप
हादसे में जान गवाने वाले विनय सिंह के पिता अनूप सिंह गुजरात के सूरत से बुधवार रात 12 बजे घर पहुंचे। घर पर बेटे का शव देख वह बदहवाश हो गए। इकलौते बेटे की माैत से पिता गुमसुम रहा। वहीं मां अनीता भी बेहाल रही। सुबह आठ बजे पिचौरा घाट पर अनूप ने बेटे के शव का अंतिम संस्कार किया। इधर गांव पहुंचे लोग उसे ढांढस बंधाते रहे।
................

दोस्तों का आ रहा था फोन, बेटे को बुला रही थी मौत
सूरत से पति अनूप के पहुंचने पर पत्नी अनीता दहाड़े मार मार कर राेने लगी। बिलखते हुए बोली की अब हम अकेले हो गए। सिसकियां भरते हुए वह बोली कि मंगलवार शाम को वह बेटे विनय के साथ खेत पर चारा लेने गई थी। इसी बीच बरात जाने के लिए बार-बार उसके दोस्तों का फोन आ रहा था। वह जानती कि उसके बेटे को मौत बुला रही तो वह जाने न देती। बिलखते हुए बोली कि हाय मेरे लाल ने कहा था मां जल्दी लौट आऊंगा, जाने दो।
...............
भाल में छाया रहा मातम, ढांढस बंधाते रहे लोग
भाल गांव के विनय सिंह व लक्ष्मण सिंह की मौत पर गुरुवार को मातम छाया रहा। दोनों के परिवार के लोग गमगीन और बदहवाश दिखे। सगे संबंधियों के साथ ही आस पास गांव के लोग भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। इधर सिकंदरा से विधायक व राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल भाल व राजपुर भी पहुंचे। राज्यमंत्री ने हादसे की जानकारी लेने के साथ ही परिवार के लोगों को ढांढस बंधाया।

..................
पहले पति अब बेटे ने छोड़ा साथ
लक्ष्मण की मौत पर उसकी मां मंजू का हाल बेहाल रहा। वह बार बार बिलखते हुए अपने को कोसते नजर आई। लक्ष्मण के ताऊ रामबली ने बताया कि लक्ष्मण के पिता राजनरायन सिंह की काफी समय मौत हो चुकी है। उन्होंने ही लक्ष्मण की परवरिश की। लक्ष्मण घर की जिम्मेदारी संभाले था और अपनी मां का ख्याल रखता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed