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Kanpur News: एक माह में रीडिंग पहुंची 24,35,998 यूनिट, पुरोहित को लगा डेढ़ करोड़ का झटका
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कानपुर। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नरवल तहसील के सरसौल कस्बे में एक उपभोक्ता की एक महीने में 24,35,998 यूनिट बिजली उपभोग की रीडिंग निकाल दी गई। इसका बिल डेढ़ करोड़ रुपये के करीब होने का अनुमान है। मीटर रीडर ने जब उन्हें इसकी जानकारी दी तो वह अचंभित हो गए। रीडर ने अफसरों को मामले से अवगत कराया तो उन्होंने बिल बनाने से मना कर दिया। इस पर उपभोक्ता ने रीडिंग सुधारने के लिए जेई को शिकायती पत्र दिया है। इसी तरह पुरवामीर निवासी एक उपभोक्ता के घर पर बिजली का कनेक्शन नहीं होने के बाद भी हर माह बिल भेजा जा रहा है।
नरवल तहसील क्षेत्र के सरसौल कस्बा निवासी पुरोहित लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने बताया कि वह हर माह समय से बिजली का बिल जमा करते हैं। सोमवार सुबह घर पहुंचे मीटर रीडर ने उनके मीटर में 24,35,998 यूनिट बिजली खपत की जानकारी दी। इससे पहले माह में उनके मीटर की रीडिंग 2303 थी। एक माह में इतनी रीडिंग बढ़ने की जानकारी से उनके होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि अगर प्रति यूनिट छह रुपये की दर से हिसाब लगाया जाए तो बिल डेढ़ करोड़ रुपये के करीब होगा। इसके बाद मीटर रीडर ने बढ़ी रीडिंग की जानकारी अफसरों को दी तो उन्होंने बिल बनाने से मनाकर दिया। इसी तरह पुरवामीर निवासी जमीले अहमद ने बताया कि उनके घर में करीब 40 साल से बिजली का कनेक्शन नहीं है, फिर भी हर माह बिल आता रहता है। शिकायत करने के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह की मनमानी से दर्जनों लोग पीड़ित हैं। मामले में दक्षिणांचल के सरसौल एसडीओ विनीत चौधरी ने कहा कि मीटर में गलती हुई है। अभी रीडिंग निकलवाई गई है, लेकिन बिल जारी नहीं किया गया है। आश्वासन दिया कि जांच कर जल्द ही समाधान किया जाएगा।
वर्जन
तकनीकी खराबी से कभी-कभी गलत बिल आ जाता है। उपभोक्ता जानकारी दे, जांच करा इसे ठीक कराया जाएगा। कई बार ऐसा होता है कि पूर्व में कनेक्शन होता है लेकिन बाद में कटवा दिया जाता है। पुराना बिल जमा न करने पर भी बिल आता रहता है। पीड़ित उपभोक्ता जानकारी दे तो जांच कराई जाएगी। - राजकुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम
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नरवल तहसील क्षेत्र के सरसौल कस्बा निवासी पुरोहित लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने बताया कि वह हर माह समय से बिजली का बिल जमा करते हैं। सोमवार सुबह घर पहुंचे मीटर रीडर ने उनके मीटर में 24,35,998 यूनिट बिजली खपत की जानकारी दी। इससे पहले माह में उनके मीटर की रीडिंग 2303 थी। एक माह में इतनी रीडिंग बढ़ने की जानकारी से उनके होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि अगर प्रति यूनिट छह रुपये की दर से हिसाब लगाया जाए तो बिल डेढ़ करोड़ रुपये के करीब होगा। इसके बाद मीटर रीडर ने बढ़ी रीडिंग की जानकारी अफसरों को दी तो उन्होंने बिल बनाने से मनाकर दिया। इसी तरह पुरवामीर निवासी जमीले अहमद ने बताया कि उनके घर में करीब 40 साल से बिजली का कनेक्शन नहीं है, फिर भी हर माह बिल आता रहता है। शिकायत करने के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह की मनमानी से दर्जनों लोग पीड़ित हैं। मामले में दक्षिणांचल के सरसौल एसडीओ विनीत चौधरी ने कहा कि मीटर में गलती हुई है। अभी रीडिंग निकलवाई गई है, लेकिन बिल जारी नहीं किया गया है। आश्वासन दिया कि जांच कर जल्द ही समाधान किया जाएगा।
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तकनीकी खराबी से कभी-कभी गलत बिल आ जाता है। उपभोक्ता जानकारी दे, जांच करा इसे ठीक कराया जाएगा। कई बार ऐसा होता है कि पूर्व में कनेक्शन होता है लेकिन बाद में कटवा दिया जाता है। पुराना बिल जमा न करने पर भी बिल आता रहता है। पीड़ित उपभोक्ता जानकारी दे तो जांच कराई जाएगी। - राजकुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम
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