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Kanpur News: जिस पर शासन में जांच है, उसे ही बना दिया नर्सिंग होम का नोडल अधिकारी

Sat, 21 Jun 2025 01:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jun 2025 01:08 AM IST
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The person who is under investigation by the government was made the nodal officer of the nursing home
कानपुर। डीएम-सीएमओ विवाद में एसीएमओ से वरिष्ठ परामर्शदाता बनाए गए डॉ. आरएन सिंह ने नया खुलासा किया है। इसमें उन्होंने निलंबित हुए सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी पर एक के बाद कई आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग शासन से की है। एसीएमओ का आरोप है जो अधिकारी इनकी बताई फाइलों पर दस्तखत नहीं कर रहे थे, उन्हें इधर से उधर भेज दिया। डॉ. नेमी के निलंबन के बाद मीडिया के सामने आए आरएन सिंह ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सीएमओ के कार्यकाल में लेवल थ्री के अधिकारी को लेवल फोर का बनाया गया। साथ ही नर्सिंग होम का नोडल अधिकारी जिस अफसर को बनाया है, उस अफसर की एक अन्य मामले में शासन स्तर पर जांच चल रही है।
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इसी तरह एक पोस्टमार्टम हाउस के फार्मासिस्ट को स्टोर और नर्सिंग होम की जिम्मेदारी दे दी गई। आरोप है कि तत्कालीन सीएमओ ने विभाग में ऐसे कई तबादले और बाबुओं के पटल परिवर्तन अपनी सुविधा के अनुसार किए। डॉ. सिंह का कहना है कि उन्होंने उनका पद भी अपने पसंदीदा अधिकारी को दे दिया और एसीएमओ से हटाकर वरिष्ठ परामर्शदाता बना दिया। पहले जेल फिर पुलिस लाइन में परामर्शदाता बनाकर भेजा। इसके चक्कर में नौ लोगों को इधर-उधर किया गया। बताया कि तत्कालीन सीएमओ के इस फैसले पर शासन की ओर से कई बार स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन वह उन्हें दबा गए।
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एसीएमओ डॉ. सुबोध प्रकाश ने तत्कालीन सीएमओ डॉ. नेमी की ओर से उन पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। कहा कि सीएमओ जो भी आरोप लगा रहे हैं, वह पूरा मामला शासन के संज्ञान में है। डॉ. सुबोध ने पद से हटने के बाद 30 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन करने के आरोप पर कहा कि यदि उन अस्पतालों की सूची तत्कालीन सीएमओ के पास है, तो उपलब्ध कराएं। अगर ऐसा था भी तो अभी तक वह चुप क्यों बैठे रहे। उन्होंने ही मुझे नर्सिंग होम के नोडल पद और सीएमओ कार्यालय से हटाकर जिला क्षय रोग विभाग भेजा है। उनके लगाए सभी आरोप गलत हैं।
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इस मामले में तीसरी अधिकारी सीनियर फाइनेंस अधिकारी वंदना सिंह ने कहा कि उन पर बिना साक्ष्यों के झूठे आरोप लगा दिए। जब तत्कालीन सीएमओ ने उन्हें पद से हटाया तो उन पर जबरदस्ती के आरोप भी मढ़ दिए। इसकी जानकारी उन्होंने उच्चाधिकारियों को भी दे रखी है।
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