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Kanpur News: रात में ठंड बढ़ने से बढ़े खांसी-जुकाम और बुखार के मरीज
Thu, 22 Oct 2026 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 22 Oct 2026 01:02 AM IST
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कानपुर देहात। रात में ठंड बढ़ने के साथ ही बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। बुधवार को अकबरपुर स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में सुबह आठ बजे से दोपहर तक 1393 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत वाले मरीज भी शामिल रहे। डॉक्टरों ने बदलते मौसम में बचाव की सलाह दी है।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रतीक सक्सेना ने बताया कि दिन में गर्मी और रात में ठंड के कारण लोग लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के दौरान सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी, बुखार और बदन दर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं। ठंडी हवा के संपर्क में आने से अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की परेशानी भी बढ़ सकती है। हालांकि, इन बीमारियों के पीछे वायरल संक्रमण समेत कई कारण हो सकते हैं।
बताया कि मौसम में बदलाव का असर किसी भी उम्र के व्यक्ति पर पड़ सकता है लेकिन पांच साल तक के बच्चों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। छोटे बच्चों में संक्रमण तेजी से गंभीर हो सकता है, जबकि बुजुर्गों में ठंड के कारण पहले से मौजूद हृदय और सांस संबंधी बीमारियां परेशानी बढ़ा सकती हैं। अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोग और मधुमेह से पीड़ित मरीज भी अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें। खेतों में काम करने वाले किसान, रात में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी और खुले में सोने वाले लोगों को भी ठंड से बचाव करना चाहिए। रात में पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं पहनने और सुबह जल्दी ठंडी हवा के संपर्क में आने से परेशानी बढ़ सकती है। खांसी-जुकाम या बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
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बचाव के उपाय
गर्म कपड़े पहनें : रात में सोते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से ठंड से बचाकर रखें।
ठंडी हवा से बचें : सुबह और देर रात बाहर निकलते समय सिर, कान, गर्दन और पैरों को ढककर रखें।
गुनगुना पानी पिएं : पर्याप्त तरल पदार्थ लें और पौष्टिक भोजन करें।
साफ-सफाई रखें : हाथ नियमित रूप से धोएं। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
दवाओं में लापरवाही न करें : अस्थमा, हृदय रोग और मधुमेह के मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित दवाएं लेते रहें।
खुद से दवा न लें : डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।
गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें : सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती या लगातार तेज बुखार होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।
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रात में पारा लुढ़कने से हो रही हल्की ठंडक
कानपुर देहात। बीते तीन दिनों में दिन का तापमान औसतन पहले जितना ही है, लेकिन रात में पारा लुढ़कने से हल्की ठंडक हो रही है। दिन में तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह रहा है। हालांकि बीते रविवार से रात का तापमान लुढ़कने की शुरुआत हुई है। इसके बाद से न्यूनतम तापमान का पारा 17 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। शनिवार रात में तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रविवार रात में न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। सोमवार रात में यह दो डिग्री सेल्सियस गिरकर 16.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जबकि मंगलवार रात में मामूली वृद्धि के साथ यह 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी डॉ. अजय मिश्र ने बताया कि रात में आसमान साफ रहने और फिलहाल रात में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से नीचे रहने का अनुमान है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि खरीफ की अंतिम फसलें कटाई की ओर और रबी सीजन की बोआई की फसलों के लिए यह समय मुफीद हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में गेहूं की बोआई शुरू होगी। उन्होंने कहा मौसम वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि आगामी दिसंबर व जनवरी में अल नीनो का प्रभाव हो सकता है। उस समय तापमान बढ़ने की संभावना रहेगी। किसान भाई ऐसे में कम सिंचाई जरूरत वाली और तापमान सहन करने वाली गेहूं व सरसों-फसलों की किस्मों का चयन करें। (संवाद)
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रतीक सक्सेना ने बताया कि दिन में गर्मी और रात में ठंड के कारण लोग लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के दौरान सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी, बुखार और बदन दर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं। ठंडी हवा के संपर्क में आने से अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की परेशानी भी बढ़ सकती है। हालांकि, इन बीमारियों के पीछे वायरल संक्रमण समेत कई कारण हो सकते हैं।
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बताया कि मौसम में बदलाव का असर किसी भी उम्र के व्यक्ति पर पड़ सकता है लेकिन पांच साल तक के बच्चों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। छोटे बच्चों में संक्रमण तेजी से गंभीर हो सकता है, जबकि बुजुर्गों में ठंड के कारण पहले से मौजूद हृदय और सांस संबंधी बीमारियां परेशानी बढ़ा सकती हैं। अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोग और मधुमेह से पीड़ित मरीज भी अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें। खेतों में काम करने वाले किसान, रात में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी और खुले में सोने वाले लोगों को भी ठंड से बचाव करना चाहिए। रात में पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं पहनने और सुबह जल्दी ठंडी हवा के संपर्क में आने से परेशानी बढ़ सकती है। खांसी-जुकाम या बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
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बचाव के उपाय
गर्म कपड़े पहनें : रात में सोते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से ठंड से बचाकर रखें।
ठंडी हवा से बचें : सुबह और देर रात बाहर निकलते समय सिर, कान, गर्दन और पैरों को ढककर रखें।
गुनगुना पानी पिएं : पर्याप्त तरल पदार्थ लें और पौष्टिक भोजन करें।
साफ-सफाई रखें : हाथ नियमित रूप से धोएं। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
दवाओं में लापरवाही न करें : अस्थमा, हृदय रोग और मधुमेह के मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित दवाएं लेते रहें।
खुद से दवा न लें : डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।
गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें : सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती या लगातार तेज बुखार होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।
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रात में पारा लुढ़कने से हो रही हल्की ठंडक
कानपुर देहात। बीते तीन दिनों में दिन का तापमान औसतन पहले जितना ही है, लेकिन रात में पारा लुढ़कने से हल्की ठंडक हो रही है। दिन में तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह रहा है। हालांकि बीते रविवार से रात का तापमान लुढ़कने की शुरुआत हुई है। इसके बाद से न्यूनतम तापमान का पारा 17 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। शनिवार रात में तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रविवार रात में न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। सोमवार रात में यह दो डिग्री सेल्सियस गिरकर 16.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जबकि मंगलवार रात में मामूली वृद्धि के साथ यह 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी डॉ. अजय मिश्र ने बताया कि रात में आसमान साफ रहने और फिलहाल रात में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से नीचे रहने का अनुमान है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि खरीफ की अंतिम फसलें कटाई की ओर और रबी सीजन की बोआई की फसलों के लिए यह समय मुफीद हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में गेहूं की बोआई शुरू होगी। उन्होंने कहा मौसम वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि आगामी दिसंबर व जनवरी में अल नीनो का प्रभाव हो सकता है। उस समय तापमान बढ़ने की संभावना रहेगी। किसान भाई ऐसे में कम सिंचाई जरूरत वाली और तापमान सहन करने वाली गेहूं व सरसों-फसलों की किस्मों का चयन करें। (संवाद)