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Kanpur News: नजर आते ही कैमरा पहचान लेगा अपराधी का चेहरा
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कानपुर। सेंट्रल रेलवे स्टेशन, अनवरगंज और गोविंदपुरी स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फेस रिकग्निशन तकनीक के सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। इसकी मदद से शातिरों और अपराध करके भागने वालों को तत्काल पकड़ा जा सकेगा। कैमरों को जल्द लगाया जाएगा।
आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त विवेक वर्मा ने बताया कि स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, पटरियों के आसपास और अन्य संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इन कैमरों में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने की क्षमता होगी। कैमरे लगाने की प्रक्रिया जल्द ही की जाएगी। अपराधियों की डिटेल व फोटो मुख्यालय से साॅफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी।
चेहरा स्कैन होते ही सामने आएगा रिकॉर्ड
फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिये पहले से चिन्हित अपराधियों और संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिलेगी। कैमरे की निगरानी में ऐसे व्यक्ति के आते ही सिस्टम कंट्रोल रूम को अलर्ट जारी कर देगा। संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।
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चोरी और अपराध रोकने में मिलेगी मदद
सेंट्रल से रोजाना काफी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं। त्योहार और छुट्टियों के दौरान भीड़ बढ़ जाती है, जिससे सुरक्षा बलों के सामने निगरानी की चुनौती रहती है। एआई आधारित निगरानी से भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों को चिह्नित करने और सुरक्षा कर्मियों को समय रहते सूचना देने में मदद मिल सकती है।
ट्रैक पर आते ही जारी होगा अलर्ट
आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक फेस रिकग्निशन के अलावा प्लेटफार्म के किनारे और आउटर पर सेंसर युक्त कैमरे लगाए जाएंगे। यह पटरियों को पार करते ही या कुछ देर तक खड़े होते ही अलर्ट जारी कर देगा। कुछ कैमरों में लाउड स्पीकर या हॉर्न लगे रहेंगे, जिनका उपयोग सुरक्षाकर्मी ट्रैक पर पहुंचे लोगों को चौकन्ना रहने के लिए कर सकते हैं।
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आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त विवेक वर्मा ने बताया कि स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, पटरियों के आसपास और अन्य संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इन कैमरों में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने की क्षमता होगी। कैमरे लगाने की प्रक्रिया जल्द ही की जाएगी। अपराधियों की डिटेल व फोटो मुख्यालय से साॅफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी।
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चेहरा स्कैन होते ही सामने आएगा रिकॉर्ड
फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिये पहले से चिन्हित अपराधियों और संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिलेगी। कैमरे की निगरानी में ऐसे व्यक्ति के आते ही सिस्टम कंट्रोल रूम को अलर्ट जारी कर देगा। संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।
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चोरी और अपराध रोकने में मिलेगी मदद
सेंट्रल से रोजाना काफी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं। त्योहार और छुट्टियों के दौरान भीड़ बढ़ जाती है, जिससे सुरक्षा बलों के सामने निगरानी की चुनौती रहती है। एआई आधारित निगरानी से भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों को चिह्नित करने और सुरक्षा कर्मियों को समय रहते सूचना देने में मदद मिल सकती है।
ट्रैक पर आते ही जारी होगा अलर्ट
आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक फेस रिकग्निशन के अलावा प्लेटफार्म के किनारे और आउटर पर सेंसर युक्त कैमरे लगाए जाएंगे। यह पटरियों को पार करते ही या कुछ देर तक खड़े होते ही अलर्ट जारी कर देगा। कुछ कैमरों में लाउड स्पीकर या हॉर्न लगे रहेंगे, जिनका उपयोग सुरक्षाकर्मी ट्रैक पर पहुंचे लोगों को चौकन्ना रहने के लिए कर सकते हैं।