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Kanpur News: मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था की खुली पोल, घायलों को न तो इलाज मिला, न जांच हो पाई

Tue, 29 Apr 2025 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Tue, 29 Apr 2025 12:35 AM IST
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The arrangements of the medical college were exposed, the injured were neither treated nor examined
फोटो-08- इमरजेंसी वार्ड में एक बेड पर घायल पड़े दो यात्री व उसी पर रखा सामान। संवादफोटो-08- इमर - फोटो : संवाद
कानपुर देहात। बस हादसे के 28 घायल रविवार देर रात एक साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो व्यवस्था की कलई उतर गई। इमरजेंसी में अफरातफरी रही। एक ही डॉक्टर तैनात होने से घायलों को समय पर उपचार नहीं मिल पाया। अन्य मेडिकल स्टाफ की भी कमी रही। घायलों की न जांच हो पा रही थी न एक्सरे हो पाया। किसी घायल को स्ट्रेचर नहीं मिला तो कोई कुर्सी पर बैठकर इलाज के लिए इंतजार करता रहा। कई घायल हाथ में ड्रिप लेकर खुद ही वार्ड तक पहुंचे।
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बता दें कि रनियां के पास रविवार की रात जनरथ बस पीछे से डंपर में जा घुसी थी। हादसे में 28 यात्री घायल हो गए। सभी घायल एक साथ मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे तो किसी को समय से उपचार नहीं मिल पाया। मेडिकल स्टाफ कम पड़ गया। कई घायलों को काफी देर तक इलाज नहीं मिला। कुछ घायल इमरजेंसी कक्ष में जहां स्टाफ बैठता है वहां अपने सामान के साथ बैठे रहे। कुछ बाहर पड़ी कुर्सियों पर बैठे दर्द से कराहते रहे। व्यवस्था गड़बड़ाती देख ईएमओ ने सीएमएस व मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा व सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने मेडिकल कॉलेज पहुंच कर विशेषज्ञ डॉक्टरों व कई कर्मचारियों को उनके आवास से बुलाया।
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वहीं, सीएमओ डॉ. एके सिंह के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आईएच खान सीएचसी अकबरपुर से कुछ स्वास्थ्य कर्मियों को लेकर पहुंचे और घायलों का इलाज शुरू कराया। हादसे की जानकारी पर एसडीएम अवनीश कुमार व तहसीलदार पवन कुमार ने पहुंच कर तुरंत इलाज शुरू करने के निर्देश दिए।
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एसडीएम अवनीश कुमार एक-एक मरीज से हालचाल जानकर मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों व डॉक्टर को बुलाकर ड्रेसिंग कराते रहे। मौके पर पहुंचे एसपी अरविंद मिश्रा ने कई मरीजों से हालचाल जाना और गंभीर स्थिति देख मरीजों को बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। मौके पर सीएमओ के नहीं पाने पर उन्होंने सीओ प्रिया सिंह से फोन मिलवाकर सीएमओ से जानकारी ली। गंभीर घायलों को डॉक्टरों ने सुबह रेफर कर दिया।

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एंबुलेंस के लिए मिलाते रहे फोन, आईडी जेनरेट होने पर रेफर हुए मरीज

हादसे में कई यात्रियों के पैर में फैक्चर हो गया है। कुछ के सिर व शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, चालक जगवीर सिंह व यात्री नरसिंह के घाव से रक्तस्राव हो रहा था। इससे उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। दोनों को काफी देर तक स्ट्रेचर पर देख अधिकारियों ने नाराजगी जताई। मौजूद एंबुलेंस से ही अधिकारियों ने मरीजों को हायर सेंटर भेजने की बात कही, लेकिन चालकों ने आईडी जेनरेट होने व कंट्रोल से मैसेज आने के बाद ही मरीज ले जाने की बात कही। इसके बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर व कर्मचारी 108, एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) को बुलाने के लिए फोन करते रहे। काफी देर तक इमरजेंसी नंबर व्यस्त रहे। बात होने पर एंबुलेंस बुलाई गई, तब घायल कानपुर रेफर किए गए।



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एक बेड पर लिटा दिए दो-दो घायल



हादसे में घायल होकर पहुंचे यात्रियों का इमरजेंसी में प्राथमिक इलाज करने के बाद डॉक्टर वार्ड में शिफ्ट करते जा रहे थे। इधर वार्ड में पहले से मरीज भर्ती थे। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य कर्मियों ने एक बेड पर दो-दो मरीज लिटा दिए। कुछ देर बाद वार्ड फुल हो गया, मगर घायलों को जनरल व अन्य वार्ड में शिफ्ट नहीं किया गया। इधर, एक साथ दो मरीजों लेटे होने व दर्द से कराहने पर पुलिस कर्मियों ने नाराजगी जताई, लेकिन इनकी बात किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद एक-एक कर घायलों को हैलट कानपुर रेफर किया जाने लगा। सुबह पांच बजे तक सात लोगों को रेफर कर दिया गया। कुछ अपने सगे संबंधियों के साथ चले गए। वहीं, कुछ मामूली रूप से घायल अपने निजी वाहनों से गंतव्य को चले गए।

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बेड पर चादरें न देख सीएमओ ने जताई नाराजगी

इमरजेंसी वार्ड में घायल मरीजों को बेतरतीब ढंग से स्वास्थ्य कर्मी लिटाते गए। हादसे की जानकारी पर पहुंचे सीएमओ डॉ. एके सिंह ने जब वार्ड में जाकर मरीजों की स्थिति देखी तो उन्हें अधिकांश बेड पर चादरें नजर नहीं आईं। इस पर नाराजगी जताते हुए नर्स से सभी बेड पर चादरें बिछाने के निर्देश दिए। इसके बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. आईएच खान व अन्य कर्मी स्वयं घायलों को सहारा देकर चादरें बिछवाईं।



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सुबह 4:30 बजे खोला जा सका एक्स-रे कक्ष



हादसे में घायल कई यात्रियों के हाथ-पैर में फैक्चर था। कई के सिर व अन्य हिस्से में चोटें थीं। डॉक्टरों ने कई घायलों को एक्स-रे की सलाह तो दे दी, मगर हादसे के वक्त एक्स-रे सुविधा नहीं मिली। इस बीच घायल सलीम व बस के दूसरे चालक भूपेंद्र के परिजनों ने अधिकारियों से कहा कि एक्स-रे कहां होगा, इस बारे में कोई बता नहीं रहा है। इसके बाद मौजूद स्वास्थ्य अधिकारी हरकत में आए। सुबह 4:30 बजे के करीब एक्स-रे कक्ष में तैनात कर्मचारी चाभी लेकर पहुंचा। इसके बाद एक्स-रे कराने के लिए कहा गया। हालांकि इस बीच कई घायल जा चुके थे।


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दावा 24 घंटे की सेवा का, आईसीयू लेकर ट्रामा सेंटर तक सब बेकार



मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे जांच, आईसीयू, ट्रामा सेंटर आदि होने के साथ बेतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने का सभी दावा खोखला साबित हो गया। रविवार की रात बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर सभी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल बस चालक जगवीर, यात्री नरसिंह, शमां बेगम, सलीम, मो. एहतशाम, शिवराज सिंह समेत सात लोगों को कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बस चालक जगवीर, नरसिंह गंभीर रूप से घायल थे। दोनों के पैर फैक्चर होने के साथ रक्तस्राव भी हो रहा था। इसके बाद भी इन्हें न तो आईसीयू में शिफ्ट किया गया न ही ट्रामा सेंटर से मदद मिली। पैर में फैक्चर होने पर पैर में पट्टी लपेट दी गई। इससे खून बहना बंद नहीं हो रहा था। ऐसे स्थिति में मौजूद लोग आईसीयू व ट्रामा सेंटर को शोपीस बताते रहे। प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने बताया कि घायलों को प्राथमिक इलाज कर भर्ती किया गया। जो गंभीर थे और हायर सेंटर भेजने की जरूरत थी, उन्हें रेफर किया गया है। कुछ घायल अपनी मर्जी से चले गए।
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