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Kanpur News: 120 से अधिक पुलिस कर्मियों के कारनामों से खागी दागदार
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कानपुर। बीतते साल में कमिश्नरी पुलिस के 120 से अधिक पुलिसकर्मियों के कारनामों से खाकी का दामन दागदार हुआ है। अब तक इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही मिलाकर करीब 35 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इनके संबंध अखिलेश दुबे, दीनू उपाध्याय, गजेंद्र सिंह नेगी समेत अन्य मामलों के आरोपियों से मिले थे। बाकी की जांच जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त हेडक्वार्टर विनोद कुमार सिंह के कार्यालय में उनके बयान लिए जा रहे हैं।
अखिलेश दुबे से संबंध रखने के आरोप में इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई है। इंस्पेक्टर के साथ वन स्टाॅप सेंटर में महिला के आत्महत्या करने के मामले में एसआई रानू को बर्खास्त किया गया। इसी तरह इंस्पेक्टर नीरज ओझा, अमान सिंह, मानवेंद्र सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई। केशवपुरम आवास विकास की जमीन पर रुपये लेकर कब्जा देने के मामले में आरोपी गजेंद्र सिंह नेगी से हर महीने दो लाख रुपये लेने के आरोप में इंस्पेक्टर केके मिश्रा को हटाया गया। उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। पुलिस की वर्दी में घरों व होटलों में छापा मारकर लूट करने के आरोप में टीएसआई अजीत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
गोविंदनगर, काकादेव, कल्याणपुर, हरबंशमोहाल, बेकनगंज के कई सिपाहियों को वसूली और अपराधियों से सेटिंग करने के आरोप में इधर से उधर किया गया। महाराजपुर और चकेरी क्षेत्र में वसूली करने और झूठे मामले में फंसाने के आरोप में दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त हेडक्वार्टर विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 120 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है जिसमें से 55 से 60 गंभीर मामले हैं।
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पुलिस की उपलब्धियां
- बेहतर जांच के लिए क्राइम ब्रांच के चार और अनुभागों का गठन किया गया।
- ऑपरेशन त्रिनेत्र व ऑपरेशन घर-घर से शहर भर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए।
- ऑपरेशन महाकाल चलाकर 35 से अधिक भूमाफिया व कब्जेदारों पर एफआईआर की गई।
- ऑपरेशन दिव्य दृष्टि से पुराने अपराधियों व हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की गई।
- थानों में साफ सफाई और खानपान के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए।
- थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई।
- आतंकवाद से निपटने के लिए एटीएस से प्रशिक्षित टीम का गठन हुआ।
- क्रिटिकल कॉरिडोर के अंतर्गत 20 टीमें बनाई गईं।
- पांच थानों के नए भवनों का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
- क्राइम ब्रांच और स्वॉट टीम को अत्याधुनिक असलहे दिए गए।
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अखिलेश दुबे से संबंध रखने के आरोप में इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई है। इंस्पेक्टर के साथ वन स्टाॅप सेंटर में महिला के आत्महत्या करने के मामले में एसआई रानू को बर्खास्त किया गया। इसी तरह इंस्पेक्टर नीरज ओझा, अमान सिंह, मानवेंद्र सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई। केशवपुरम आवास विकास की जमीन पर रुपये लेकर कब्जा देने के मामले में आरोपी गजेंद्र सिंह नेगी से हर महीने दो लाख रुपये लेने के आरोप में इंस्पेक्टर केके मिश्रा को हटाया गया। उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। पुलिस की वर्दी में घरों व होटलों में छापा मारकर लूट करने के आरोप में टीएसआई अजीत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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गोविंदनगर, काकादेव, कल्याणपुर, हरबंशमोहाल, बेकनगंज के कई सिपाहियों को वसूली और अपराधियों से सेटिंग करने के आरोप में इधर से उधर किया गया। महाराजपुर और चकेरी क्षेत्र में वसूली करने और झूठे मामले में फंसाने के आरोप में दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त हेडक्वार्टर विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 120 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है जिसमें से 55 से 60 गंभीर मामले हैं।
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पुलिस की उपलब्धियां
- बेहतर जांच के लिए क्राइम ब्रांच के चार और अनुभागों का गठन किया गया।
- ऑपरेशन त्रिनेत्र व ऑपरेशन घर-घर से शहर भर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए।
- ऑपरेशन महाकाल चलाकर 35 से अधिक भूमाफिया व कब्जेदारों पर एफआईआर की गई।
- ऑपरेशन दिव्य दृष्टि से पुराने अपराधियों व हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की गई।
- थानों में साफ सफाई और खानपान के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए।
- थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई।
- आतंकवाद से निपटने के लिए एटीएस से प्रशिक्षित टीम का गठन हुआ।
- क्रिटिकल कॉरिडोर के अंतर्गत 20 टीमें बनाई गईं।
- पांच थानों के नए भवनों का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
- क्राइम ब्रांच और स्वॉट टीम को अत्याधुनिक असलहे दिए गए।