UP: एयरफोर्स कर्मी से आतंकी बना था आतंकी गौस मोहम्मद, साथी आतंकियों का कानपुर के जाजमऊ स्थित घर पर था आनाजाना
गौस मोहम्मद के पकड़े जाने के बाद उसके बेटे अब्दुल कादिर ने कहा था, जो देश का दुश्मन वो मेरा भी दुश्मन है। मेरे पिता से अब कोई वास्ता नहीं है। कानून जो चाहे वो सजा दे। वैसे भी मेरे पिता वर्ष 2015 से कहां थे इसकी कोई जानकारी नहीं है।
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दो किमी की दूरी पर रहते थे सभी आतंकी
वर्ष 2017 में गौस मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद बेटे अब्दुल कादिर और आदिल खान ने बताया था कि गौस खान जब भी कानपुर आता था महज एक या दो दिन रुकता था। सेकेंड मैन के तौर पर आतंकी आतिफ मुज्जफर काम कर रहा था।
जाजमऊ में जीएम खान का घर है और लखनऊ में मारे गए आतंकी सैफुल्ला के घर से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर है। आतिफ अक्सर गौस के पास आता था। उसका घर केडीए कालोनी में जीएम खान के मकान से एक किलोमीटर की दूरी पर था। आतंकी दानिश अख्तर और जाजमऊ के तिवारीपुर से पकड़ा गया मोहम्मद फैसल और इमरान के घर से गौस मोहम्मद खान दो किलोमीटर की दूरी पर ही रहता था। आतंकी आतिफ मुजफ्फर का आतंकी सैफुल्ला के पास अक्सर आना जाना था। वह सैफुल्ला के साथ घंटों बैठता था।
नौजवानों को बरगलाता था गौस
गौस मोहम्मद उर्फ जीएम आतंकी गुट का मास्टरमाइंड था। वह नौजवानों को बरगलाने का कार्य करता था। उसने आतिफ मुजफ्फर का इस कदर ब्रेनवॉश किया था कि उसने अपनी जमीन बेचकर गुट में 22 लाख लगाए था।
गौस मोहम्मद के पकड़े जाने के बाद उसके बेटे अब्दुल कादिर ने कहा था, जो देश का दुश्मन वो मेरा भी दुश्मन है। मेरे पिता से अब कोई वास्ता नहीं है। कानून जो चाहे वो सजा दे। वैसे भी मेरे पिता वर्ष 2015 से कहां थे इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी जानने की कोशिश नहीं की कि हम लोग जिंदा भी हैं या मर गए।
सैफुल्ला के एनकाउंटर वाले दिन रायबरेली गया था गौस
लखनऊ में सैफुल्ला के एनकाउंटर वाले दिन गौस मोहम्मद बेटों के साथ ही था और कानपुर आया था। उसी रात ये लोग रायबरेली ससुराल के लिए निकल गया था। सैफुल्ला के एनकाउंटर की जानकारी मिलते ही गौस मोहम्मद उर्फ जीएम रायबरेली से 14 किलोमीटर पहले कार से उतर गया था। इसके बाद से अंडर ग्राउंड हो गया था।