फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Tech brokers in rto

‘हाईटेक ’आरटीओ में दलालों का मकड़जाल

Wed, 28 Sep 2016 09:22 PM IST
दिलीप सिंह, कानपुर
दिलीप सिंह, कानपुर Updated Wed, 28 Sep 2016 09:22 PM IST
विज्ञापन
Tech brokers in rto
डेमो
करोड़ों रुपये के बजट से नई लाइसेंस बिल्डिंग, कंप्यूटराज्ड परीक्षा, ऑनलाइन लाइसेंस आवेदन बनाने की व्यवस्था की गई लेकिन दलालों के मकड़जाल में सब कुछ उलझ कर रह गया। ‘हाईटेक’ आरटीओ की यही सचाई है। दो साल पहले भीड़ और दलाली खत्म करने के उद्देश्य से लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई थी लेकिन देखरेख के अभाव में ऑनलाइन लाइसेंस आवेदन व्यवस्था बंद हो गई।
विज्ञापन

अब काम फिर पुराने ढर्रे पर चल रहा है। आरटीओ में कदम-कदम पर दलालों का मकड़जाल और अव्यवस्थाएं दिखती हैं। दलाल के बगैर काम कराने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं जबकि दलाल के जरिए वही काम बहुत आसानी से होते हैं। लर्निंग लाइसेंस फॉर्म जमा करने के लिए रोजाना लोगों को घंटो धूप में लाइन लगानी पड़ती है। फीस जमा करने, लाइसेंस रिन्युवल सहित अन्य की फीस काउंटर पर भारी भीड़ होने के चलते आम आदमी घुसने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाता है, इसलिए दलालों की सक्रियता आरटीओ से खत्म नहीं हो रही।
विज्ञापन

एआरटीओ प्रभात पांडेय का कहना है कि रोजाना चार से पांच आवेदन आते थे। सर्वर ठप होने के चलते ऑन लाइन फीस जमा करने के बाद दोबारा फिर से फीस जमा करनी पड़ जाती थी इसलिए धीरे-धीरे ऑनलाइन व्यवस्था बंद हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed