स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग: स्वच्छता रैंकिंग में आठ पायदान और गिरा कानपुर, जगह-जगह गंदगी रही, ये थीं और वजहें
स्वच्छता सर्वे-2022 में कानपुर नगर निगम की रैंकिंग पिछले साल की तुलना में गिर गई है। 2021 में कानपुर नगर निगम देश में 21वें तो प्रदेश में तीसरे नंबर पर था। इस बार देश में 29वें तो प्रदेश में सातवें पायदान पर पहुंच गया है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में कानपुर की फिर नाक कट गई। आठ पायदान लुढ़ककर 29वें स्थान पर आ गया। इससे पहले कानपुर 21वें स्थान पर था। हर घर से कूड़ा न उठ पाना, जगह-जगह पसरी गंदगी इसका प्रमुख कारण रही। चिंता की बात यह भी है कि उत्तर प्रदेश का एक भी शहर टॉप-10 में जगह नहीं बना पाया।
केंद्र सरकार की तरफ से शनिवार को स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 की रैंकिंग जारी की गई। इसके अनुसार इंदौर लगातार छठवें साल पहले नंबर पर है। सर्वेक्षण के अनुसार कानपुर में साफ-सफाई व्यवस्था अन्य शहरों की तुलना में बेहद खराब है, जबकि सालभर से शहर को टॉप-10 में लाने का दावा किया जा रहा था।
इन वजहों से लुढ़की रैंकिंग
- नगर निगम शहर के सभी 110 वार्डों के घरों से कूड़ा उठाने में असफल है। 82 वार्डों से ही घर-घर कूड़ा उठ पा रहा है। उनमें भी कुछ वार्डों में ही नियमित कूड़ा उठ रहा।
- शहर की सभी सड़कें नियमित रूप से साफ नहीं हो पा रही हैं। पनकी, कल्याणपुर, चकेरी, जाजमऊ, जूही, बजरिया सहित तमाम मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।
- सभी घरों से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग न उठना।
- कूड़ा निस्तारण प्लांट में वर्षों से जमा कूड़े का निस्तारण न हो पाना।
- प्लांट में कारकस प्लांट (मृत मवेशियों के निस्तारण के लिए विद्युत शवदाह गृह) का निर्माण अधूरा होना।
- पन्नियों सहित अन्य तरह के प्लास्टिक वेस्ट से डीजल बनाने का प्लांट चालू न हो पाना।
- सी एंड डीप्लांट (मलबे से इंटरलाकिंग टाइल्स बनाने वाला प्लांट) न लग पाना।
नगर निगम को मिला इनोवेशन एंड वेस्ट प्रैक्टिसेस पुरस्कार
दिल्ली में शनिवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण- 2022 एवं गार्बेज फ्री सिटी अवार्ड समारोह में कानपुर नगर निगम को इनोवेशन एंड वेस्ट प्रैक्टिसेस कैटेगरी में पुरस्कृत किया गया। आवासन एवं शहरी राज्यमंत्री कौशल किशोर और संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा ने महापौर प्रमिला पांडेय, नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन को यह पुरस्कार दिया।
नगर आयुक्त ने बताया कि यह पुरस्कार पुराने कूड़े (लिगेसी वेस्ट) के निस्तारण, ताजे कूड़े से जैविक खाद बनाने, घरों से कूड़ा उठाने, सड़कों की सफाई आदि कामों की वजह से मिला है। हम आगे भी ऐसे कामों को करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।