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कपड़े प्रेस करने वाले के बेटे का नेवी में चयन, पढ़िए संघर्ष की कहानी
Sun, 04 Aug 2019 11:40 AM IST
शिखा पांडेय
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 04 Aug 2019 11:40 AM IST
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सुशील कुमार का नेवी में चयन
- फोटो : अमर उजाला
लोगों के कपड़े प्रेस करके जीवन यापन करने वाले देहली सुजानपुर निवासी हरिश्चंद्र कनौजिया के बेटे सुशील कुमार ने साबित कर दिखाया कि उड़ान पंखों से नहीं बल्कि हौसलों से होती है।
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अभावों में पले बढ़े सुशील ने नेवल सीनियर सेकेंडरी रिक्रूटमेंट-2019 की परीक्षा में सेलर (ग्रुप सी) पद पर सफलता हासिल की है। 17 अगस्त से कर्नाटक स्थित कारवार नेवल स्टेशन में उनकी शिप ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।
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सुशील के पिता कानपुर के किदवई नगर हनुमान मंदिर के पास सालों से कपड़े प्रेस करते आ रहे हैं। सुशील ने बताया कि उसने केंद्रीय विद्यालय चकेरी से इंटरमीडिएट किया है। पापा और मम्मी का सपना था कि घर का कोई सदस्य नेवी या पुलिस में जाए।
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तभी से उसने इसे अपना धेय बना लिया था आखिर सफलता मिल गई। नेवी की परीक्षा के साथ यूपी पुलिस 2019 की परीक्षा में भी उसे सफलता मिली है लेकिन वह नेवी में ही नौकरी करेगा। हरिश्चंद्र ने बताया कि पढ़ाई का महत्व वे अच्छे से जानते हैं।
खुद भी स्नातक पास हैं लेकिन कोई नौकरी न मिलने की वजह से पिता के इस काम में हाथ बटाने लगा। बाबा भी यही काम करते थे। हरिश्चंद्र का बड़ा बेटा सूरज हैलट अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है। छोटे बेटे सुशील का नेवी में चयन हुआ है। दो बेटियां हैं, वे भी पढ़ाई कर रही हैं।
खुद भी स्नातक पास हैं लेकिन कोई नौकरी न मिलने की वजह से पिता के इस काम में हाथ बटाने लगा। बाबा भी यही काम करते थे। हरिश्चंद्र का बड़ा बेटा सूरज हैलट अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है। छोटे बेटे सुशील का नेवी में चयन हुआ है। दो बेटियां हैं, वे भी पढ़ाई कर रही हैं।