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Kanpur News: कैंसर की सेंकाई की नई तकनीक नहीं सीख पा रहे छात्र
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कानपुर। ऐसे समय में जब एआईयुक्त उच्च तकनीक से चिकित्सा संस्थानों को लैस किया जा रहा है, जेके कैंसर इंस्टीट्यूट में पुराने तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इंस्टीट्यूट में रेडिएशन आंकोलॉजी विभाग में 12 जूनियर रेजीडेंट हैं, ये पुरानी मशीनों से ही रेडिएशन का प्रशिक्षण ले रहे हैं। साथ ही विभिन्न विभागों को अभी तक सीनियर रेजीडेंट नहीं मिल पाए हैं। इससे पढ़ाई और शोध कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने शासन को एक बार फिर रिमाइंडर भेजा है।
पुरानी मशीनों से इंस्टीट्यूट में रेडिएशन सिखाया जा रहा है। यहां पर कोई भी उच्चीकृत मशीनें नहीं हैं। मेडिकल छात्र और टेक्नीशियन सेंकाई की पुराना तरीका ही सीख रहे हैं। सालों पहले लीनियर एक्सीलरेटर के लिए प्रस्ताव भेजा गया लेकिन अभी तक मशीन नहीं आई। यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। एक बार फिर रिमाइंडर भेजा गया है। इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एसएन प्रसाद का कहना है कि नई मशीन आए तो छात्र नए तरीकों सीख सकें। लीनियर एक्सीलरेटर की मांग लगातार की जा रही है। इससे रोगियों को भी फायदा होगा।
इसके अलावा इंस्टीट्यूट में सर्जिकल आंकोलॉजी, एनेस्थीसिया और पैथोलॉजी नए विभाग खोले गए। रेडिएशन आंकोलॉजी विभाग को अपडेट किया गया। इस संबंध में 22 अप्रैल वर्ष 2025 में शासनादेश भी जारी हुआ था लेकिन अभी तक सीनियर रेजीडेंट नहीं मिले। इससे रोगी सुविधा और शोध कार्य बाधित हैं। इस संबंध में भी शासन को रिमाइंडर भेजा गया है। सर्जिकल आंकोलॉजी में छह, रेडिएशन आंकोलॉजी में छह, एनेस्थेसिया में तीन और पैथोलॉजी विभाग में सीनियर रेजीडेंट के तीन पद हैं। सीनियर रेजीडेंट महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा कार्यालय से भेजे जाने हैं।
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पुरानी मशीनों से इंस्टीट्यूट में रेडिएशन सिखाया जा रहा है। यहां पर कोई भी उच्चीकृत मशीनें नहीं हैं। मेडिकल छात्र और टेक्नीशियन सेंकाई की पुराना तरीका ही सीख रहे हैं। सालों पहले लीनियर एक्सीलरेटर के लिए प्रस्ताव भेजा गया लेकिन अभी तक मशीन नहीं आई। यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। एक बार फिर रिमाइंडर भेजा गया है। इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एसएन प्रसाद का कहना है कि नई मशीन आए तो छात्र नए तरीकों सीख सकें। लीनियर एक्सीलरेटर की मांग लगातार की जा रही है। इससे रोगियों को भी फायदा होगा।
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इसके अलावा इंस्टीट्यूट में सर्जिकल आंकोलॉजी, एनेस्थीसिया और पैथोलॉजी नए विभाग खोले गए। रेडिएशन आंकोलॉजी विभाग को अपडेट किया गया। इस संबंध में 22 अप्रैल वर्ष 2025 में शासनादेश भी जारी हुआ था लेकिन अभी तक सीनियर रेजीडेंट नहीं मिले। इससे रोगी सुविधा और शोध कार्य बाधित हैं। इस संबंध में भी शासन को रिमाइंडर भेजा गया है। सर्जिकल आंकोलॉजी में छह, रेडिएशन आंकोलॉजी में छह, एनेस्थेसिया में तीन और पैथोलॉजी विभाग में सीनियर रेजीडेंट के तीन पद हैं। सीनियर रेजीडेंट महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा कार्यालय से भेजे जाने हैं।
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