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छात्रों ने स्टेप एचबीटीआई डायरेक्टर के खिलाफ की हूटिंग, कहा- ‘गो बैक प्रोफेसर’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:22 AM IST
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निदेशक का विरोध करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर स्टेप एचबीटीआई की सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान का दर्जा बरकरार रखने और इसके एचबीटीयू में विलय की मांग को लेकर स्टूडेंटों ने सोमवार को पठन-पाठन का काम ठप रखा। निदेशक प्रो. आरके त्रिवेदी को कैंपस में नहीं घुसने दिया। इस दौरान स्टूडेंटों ने जमकर हूटिंग की और गो बैक, गो बैक के नारे लगाए।
मैनेजमेंट स्टूडेंटों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। स्टूडेंटों ने कैंपस का मुख्य गेट बंद किया और शांति पूर्वक धरना-प्रदर्शन किया। देरशाम स्टूडेंटों का एक प्रतिनिधि मंडल एचबीटीयू के रजिस्ट्रार शत्रुघ्न सिंह से मिलने पहुंचा। निदेशक प्रो. आरके त्रिवेदी की मौजूदगी में बातचीत शुरू हुई। स्टूडेंटों ने बोर्ड ऑफ गवर्नर की मीटिंग का हवाला देकर स्टेप एचबीटीआई के विलय न होने का कारण पूछा? साथ ही कहा कि निदेशक को वर्ष 2014 में हटाया गया था, फिर भी वह उसी पद पर जमे हैं। इन सभी मामलों पर कुलपति प्रो. एमजेड खान ने मंगलवार तक उचित फैसला लेने का भरोसा दिया। उधर रजिस्ट्रार ने भी कुलपति से बात करके मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
आंदोलन को शिक्षकों का समर्थन
एमबीए और पीजीडीएम स्टूडेंटों के आंदोलन को स्टेप एचबीटीआई के शिक्षकों का समर्थन प्राप्त है। शिक्षकों का कहना है कि स्टूडेंटों की मांगें जायज हैं। एकेटीयू से सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान का दर्जा छीना जाना गलत है। एचबीटीयू में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट खोला जा रहा है, जबकि इसी कैंपस में एमबीए की पढ़ाई पहले से कराई जा रही है। इसका विलय यूनिवर्सिटी में किया जाना चाहिए। इसका फायदा स्टूडेंट, शिक्षकों को मिलेगा।
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मैनेजमेंट स्टूडेंटों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। स्टूडेंटों ने कैंपस का मुख्य गेट बंद किया और शांति पूर्वक धरना-प्रदर्शन किया। देरशाम स्टूडेंटों का एक प्रतिनिधि मंडल एचबीटीयू के रजिस्ट्रार शत्रुघ्न सिंह से मिलने पहुंचा। निदेशक प्रो. आरके त्रिवेदी की मौजूदगी में बातचीत शुरू हुई। स्टूडेंटों ने बोर्ड ऑफ गवर्नर की मीटिंग का हवाला देकर स्टेप एचबीटीआई के विलय न होने का कारण पूछा? साथ ही कहा कि निदेशक को वर्ष 2014 में हटाया गया था, फिर भी वह उसी पद पर जमे हैं। इन सभी मामलों पर कुलपति प्रो. एमजेड खान ने मंगलवार तक उचित फैसला लेने का भरोसा दिया। उधर रजिस्ट्रार ने भी कुलपति से बात करके मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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आंदोलन को शिक्षकों का समर्थन
एमबीए और पीजीडीएम स्टूडेंटों के आंदोलन को स्टेप एचबीटीआई के शिक्षकों का समर्थन प्राप्त है। शिक्षकों का कहना है कि स्टूडेंटों की मांगें जायज हैं। एकेटीयू से सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान का दर्जा छीना जाना गलत है। एचबीटीयू में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट खोला जा रहा है, जबकि इसी कैंपस में एमबीए की पढ़ाई पहले से कराई जा रही है। इसका विलय यूनिवर्सिटी में किया जाना चाहिए। इसका फायदा स्टूडेंट, शिक्षकों को मिलेगा।
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