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बैंकों में हड़ताल: दो दिन में 17 अरब का लेन-देन प्रभावित, निजीकरण की प्रक्रिया वापस लेने की मांग
Sat, 18 Dec 2021 01:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 18 Dec 2021 01:43 PM IST
सार
निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले आहूत हड़ताल के पहले दिन सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। इसके चलते शहर की शाखाओं में करीब 17 अरब का लेनदेन फंस गया। वहीं बैंक शाखाओं के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन और नारेबाजी की।
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बैंक हड़ताल
- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैैंक कर्मचारी और अफसर शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहे। दो दिन की हड़ताल से 17 अरब का लेन-देन प्रभावित रहा। 500 करोड़ का नकद लेन-देन, 1050 करोड़ के विदेशी विनियम, नेफ्ट, आरटीजीएस, क्लीयरिंग नहीं हो पाई। करीब 80 हजार बैंक ड्राफ्ट फंस गए। वहीं बैंक अफसरों-कर्मचारियों ने क्षेत्रीय कार्यालयों-शाखाओं के बाहर प्रदर्शन कर रोष जताया। सरकारी बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया वापस लेने की मांग की।
सरकार को चेताया कि मांग न मानने की स्थिति में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पंजाब नेशनल बैंक प्रोग्रेसिव इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रांतीय उपमहामंत्री संजय त्रिवेदी की अगुवाई में पीएनबी गोविंद नगर शाखा के बाहर प्रदर्शन किया गया। कहा गया कि सरकार हठधर्मिता छोड़कर बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में काम करे। निजीकरण से कोई लाभ नहीं होना है।
उसके उलट लोगों की जमा रकम निजी हाथों में चली जाएगी। इस दौरान यूसी गुप्ता, नीरज अवस्थी, मोहम्मद फाजिल, अनिल सोनकर, श्याम मिश्रा, राजकुमार आदि थे। वहीं हड़ताली कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। बिरहाना रोड स्थित पीएनबी क्षेत्रीय कार्यालय पर सभा की गई। इसमें यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता ने कहा कि सरकार को अपना रवैया बदलना होगा।
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सरकारी बैंक ही बेहद कम लागत पर हर वर्ग को बैंकिंग सेवा उपलब्ध करा रही है। निजी बैंक खरीदने वाले पूंजीपति बैंकिंग सेवा भाव से न करके अधिकतम लाभ कमाने के उद्देश्य से करेंगे। संयोजक सुधीर सोनकर विजय अवस्थी, मनोज तिवारी, राजेंद्र अवस्थी, अनुराग शुक्ला, बृजेंद्र पांडेय, राजीव धवन, अजय, पुष्कर मिश्र, प्रवीण मिश्रा, संदीप सक्सेना, प्रदीप कपूर, अंकुर द्विवेदी, अनिल कुमार मिश्रा, दिनेश आदि थे।
बैंक डूबे तो केवल पांच लाख ही मिल पाएंगे
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय में हुई सभा में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के सचिव प्रवीण मिश्र ने कहा कि सरकार ने यदि बैंकिंग नियमों में बदलाव किया तो बैंकों के फेल होने पर खाताधारकों को केवल पांच लाख रुपये ही मिल पाएंगे। पीपुल्स कॉपरेटिव और ब्रह्मावर्त बैंक तो शहर के उदाहरण मात्र हैं। इस दौरान यूनियन बैंक मुख्य शाखा बिरहाना रोड से पंजाब नेशनल बैंक क्षेत्रीय कार्यालय तक जुलूस निकाला गया। इस मौके पर शोभित शुक्ल ,अंकित अवस्थी, कुलवंत सौरभ, विकास शुक्ल, प्रदीप गुप्ता, आकांक्षा त्रिपाठी आदि थे।
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सरकार को चेताया कि मांग न मानने की स्थिति में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पंजाब नेशनल बैंक प्रोग्रेसिव इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रांतीय उपमहामंत्री संजय त्रिवेदी की अगुवाई में पीएनबी गोविंद नगर शाखा के बाहर प्रदर्शन किया गया। कहा गया कि सरकार हठधर्मिता छोड़कर बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में काम करे। निजीकरण से कोई लाभ नहीं होना है।
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उसके उलट लोगों की जमा रकम निजी हाथों में चली जाएगी। इस दौरान यूसी गुप्ता, नीरज अवस्थी, मोहम्मद फाजिल, अनिल सोनकर, श्याम मिश्रा, राजकुमार आदि थे। वहीं हड़ताली कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। बिरहाना रोड स्थित पीएनबी क्षेत्रीय कार्यालय पर सभा की गई। इसमें यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता ने कहा कि सरकार को अपना रवैया बदलना होगा।
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सरकारी बैंक ही बेहद कम लागत पर हर वर्ग को बैंकिंग सेवा उपलब्ध करा रही है। निजी बैंक खरीदने वाले पूंजीपति बैंकिंग सेवा भाव से न करके अधिकतम लाभ कमाने के उद्देश्य से करेंगे। संयोजक सुधीर सोनकर विजय अवस्थी, मनोज तिवारी, राजेंद्र अवस्थी, अनुराग शुक्ला, बृजेंद्र पांडेय, राजीव धवन, अजय, पुष्कर मिश्र, प्रवीण मिश्रा, संदीप सक्सेना, प्रदीप कपूर, अंकुर द्विवेदी, अनिल कुमार मिश्रा, दिनेश आदि थे।
बैंक डूबे तो केवल पांच लाख ही मिल पाएंगे
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय में हुई सभा में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के सचिव प्रवीण मिश्र ने कहा कि सरकार ने यदि बैंकिंग नियमों में बदलाव किया तो बैंकों के फेल होने पर खाताधारकों को केवल पांच लाख रुपये ही मिल पाएंगे। पीपुल्स कॉपरेटिव और ब्रह्मावर्त बैंक तो शहर के उदाहरण मात्र हैं। इस दौरान यूनियन बैंक मुख्य शाखा बिरहाना रोड से पंजाब नेशनल बैंक क्षेत्रीय कार्यालय तक जुलूस निकाला गया। इस मौके पर शोभित शुक्ल ,अंकित अवस्थी, कुलवंत सौरभ, विकास शुक्ल, प्रदीप गुप्ता, आकांक्षा त्रिपाठी आदि थे।