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जहरीला पानी बना रहा रोगी
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 28 Feb 2015 02:15 AM IST
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जाजमऊ स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान शुक्रवार को विशेष सचिव लालजी राम ने अधिकारियों को जमकर लताड़ा। ट्रीटेड पानी की खराब स्थिति को देखकर कहा कि क्या ये पानी ट्रीटेड है।
अधिकारियों के ग्राउंड रियलिटी न दिखा पाने पर भी नाराजगी जताई। साथ ही जाना, शेखपुर और प्योंदी की फसलों की जांच चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) से कराने के निर्देश दिए हैं।
यहां जहरीला पानी लोगों को बीमार बना रहा है। टीम ने विशेष सचिव शासन लालजी राम और उनकी टीम ने शाम को रहमान टेनरी और न्यू यूनिवर्सल टेनरी की जांच भी की।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम यहां जांच के लिए पहुंची थी। जांच के दौरान दो गैस होल्डर में से एक में थोड़ी बहुत गैस निकलते देख उन्होंने कहा कि क्या इतनी धीमी रफ्तार से गैस निकलती है। इसका भी कोई यूज नहीं कर रहे हैं।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अनिल कनौजिया से कहा कि डिफ्लेक्शन नहीं है, गैस मीटर नहीं है तो कम से कम लॉग बुक दिखाओ लेकिन अधिकारी वो भी मौके पर नहीं दिखा सके।
इस दौरान उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के मुख्य पर्यावरण अधिकारी डॉ. पीसी शर्मा, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, परियोजना प्रबंधक राजेश कुमार, मुख्य अभियंता जल निगम लखनऊ यूके तायल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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अधिकारियों के ग्राउंड रियलिटी न दिखा पाने पर भी नाराजगी जताई। साथ ही जाना, शेखपुर और प्योंदी की फसलों की जांच चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) से कराने के निर्देश दिए हैं।
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यहां जहरीला पानी लोगों को बीमार बना रहा है। टीम ने विशेष सचिव शासन लालजी राम और उनकी टीम ने शाम को रहमान टेनरी और न्यू यूनिवर्सल टेनरी की जांच भी की।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम यहां जांच के लिए पहुंची थी। जांच के दौरान दो गैस होल्डर में से एक में थोड़ी बहुत गैस निकलते देख उन्होंने कहा कि क्या इतनी धीमी रफ्तार से गैस निकलती है। इसका भी कोई यूज नहीं कर रहे हैं।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अनिल कनौजिया से कहा कि डिफ्लेक्शन नहीं है, गैस मीटर नहीं है तो कम से कम लॉग बुक दिखाओ लेकिन अधिकारी वो भी मौके पर नहीं दिखा सके।
इस दौरान उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के मुख्य पर्यावरण अधिकारी डॉ. पीसी शर्मा, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, परियोजना प्रबंधक राजेश कुमार, मुख्य अभियंता जल निगम लखनऊ यूके तायल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।