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Kanpur News: ड्रोन खरीद पर दिया 15 लाख अनुदान, छिड़काव कहां किया पता नहीं

Sat, 19 Sep 2026 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sat, 19 Sep 2026 12:54 AM IST
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Sought blessings for prosperity from Bappa after the idol immersion.
कानपुर देहात। कृषि यंत्रीकरण योजना में 50 फीसदी अनुदान के जरिये ड्रोन लेकर लाभार्थी अन्य किसानों की फसलों पर छिड़काव से कन्नी काट रहे हैं। निगरानी न होने से कहां और किन फसलों पर छिड़काव हो रहा है इसकी जानकारी जिम्मेदारों को नहीं है। हालात ये हैं कि जनपद के किसानों को ड्रोन से फसलों में दवा व उर्वरक छिड़काव का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जनपद में 10 ब्लॉकों में करीब साढ़े तीन लाख पंजीकृत किसान हैं। कृषि यंत्रीकरण योजना में उपकरण लागत पर पचास फीसदी अनुदान है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अकबरपुर ब्लॉक में रमाकांत, मैथा ब्लॉक में रवि पाल और रसूलाबाद ब्लॉक में अमन कुमार को एक-एक ड्रोन लिया। लाभार्थियों को प्रति ड्रोन खरीद के लिए पांच लाख रुपये का अनुदान दिया गया। मंशा थी कि अनुदान पर ड्रोन लेने के बाद लाभार्थी खुद की फसलों में कीटनाशक, नैनो उर्वरक आदि का छिड़काव करने के साथ अन्य किसानों की फसलों में भी छिड़काव करेंगे। इसके एवज में उन्हें किराया मिलेगा तो आमदनी होगी।
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इधर, किसानों को ड्रोन तकनीकी का लाभ मिलेगा और कम समय और कम लागत में छिड़काव हो सकेगा। इधर, ड्रोन खरीदने वाले लाभार्थी किसानों को अनुदान देने के बाद विभागीय स्तर से निगरानी नहीं की गई। केवल योजना का लाभ देने का कोरम भर पूरा कर लिया गया। इसकी वजह से लाभार्थियों ने भी फसलों पर छिड़काव नहीं किया तो सरकार के अनुदान के बाद भी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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हालात ये हैं कि कई बार ड्रोन से फसलों पर छिड़काव कराने के इच्छुक किसान संपर्क करते हैं तो ड्रोन लाभार्थी टाल-मटोल करता है या फिर ड्रोन में खराबी आदि की बहानेबाजी कर टरका देता है। रसूलाबाद ब्लॉक के महेश प्रसाद ने बताया कि फसल व आम के बाग में कीटनाशक छिड़काव के लिए एक ड्रोन लाभार्थी से संपर्क किया लेकिन कोई न कोई समस्या बताकर समय टाल दिया गया। इसकी वजह से फसल में छिड़काव नहीं हो सका।
अकबरपुर ब्लॉक के मोहन कुमार ने बताया कि अकबरपुर व मैथा ब्लॉक में ड्रोन लाभार्थी हैं जिन्हें सरकार की ओर से पांच-पांच लाख रुपये का अनुदान दिया गया है लेकिन फसल में छिड़काव के लिए संपर्क करने पर अकबरपुर ब्लॉक के लाभार्थी ने कहा कि निजी फसल में ही छिड़काव करते हैं। अन्य किसानों की फसलों पर किराये पर छिड़काव नहीं करते हैं। इधर मैथा ब्लॉक के ड्रोन लाभार्थी ने तर्क दिया कि ड्रोन संचालन के लिए पायलट नहीं है। पायलट की तलाश पूरी होने पर छिड़काव किया जाएगा।
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बयान....
कृषि यंत्रीकरण योजना में अनुदान के जरिये उपकरण खरीदने वाले लाभार्थी किसानों को बाजार से कम किराए पर अन्य किसानों की फसलों में छिड़काव करना है। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। किन लाभार्थियों को ड्रोन दिए गए और वह कहां और कितने किसानों की फसलों पर छिड़काव कर रहे हैं। इसका ब्योरा जल्द ही लिया जाएगा। अनुदान का लाभ लेकर केवल निजी उपयोग करना गलत है। - प्राची पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
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इफको की ओर से दिया गया ड्रोन बेदम
खेतीबाड़ी में किसानों को तकनीक का लाभ मिले इसकी मंशा को पलीता लग रहा है। वर्ष 2020-21 में अमरौधा ब्लॉक के विक्रम राठौर को इफको की ओर से अनुदान पर ड्रोन दिया गया। कृषि प्रदर्शनी व मेला में यह ड्रोन प्रदर्शित किया गया लेकिन हकीकत में इसका लाभ किसानों को नहीं मिला। करीब डेढ़ साल पहले बारा में कृषि विभाग के फार्म पर छिड़काव करने के दौरान एचटी लाइन की चपेट में आने से ड्रोन को नुकसान हुआ था। यह खामी ठीक कराने में करीब छह माह बीत गए। इसके बाद अब करीब एक साल से ड्रोन की बैटरी की समस्या है। यह खामी ठीक नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से बेदम ड्रोन शोपीस बना है। लाभार्थी विक्रम राठौर ने बताया कि ड्रोन की बैटरी ठीक कराने के लिए बेंगलुरु के इंजीनियर करीब दो लाख का खर्च बता रहे हैं। यह धनराशि बहुत अधिक है। इसकी वजह से खामी ठीक नहीं करा पा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कोई इंजीनियर खामी दुरुस्त नहीं कर पा रहा है।

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राजपुर व सरवनखेड़ा ब्लॉक में दो लाभार्थी चयनित
कानपुर देहात। कृषि यंत्रीकरण योजना में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजपुर व सरवनखेड़ा ब्लॉक में भी एक-एक ड्रोन लाभार्थी चयनित किए गए हैं। इनको को ड्रोन खरीदने और बिल आदि प्रस्तुत करने पर पांच-पांच लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। राजपुर में लाभार्थी बबलू ने ड्रोन खरीद कर ली है। औपचारिकताएं पूरी होने पर उन्हें अनुदान की धनराशि दी जाएगी। इधर सरवनखेड़ा की मीरा ने अभी ड्रोन की खरीद नहीं की है। उप निदेशक कृषि कार्यालय में पटल सहायक संदीप कुमार ने बताया कि राजपुर के लाभार्थी ने ड्रोन खरीदने की जानकारी दी है। अभी बिल प्रस्तुत नहीं किए हैं। इधर सरवनखेड़ा की लाभार्थी ने अभी ड्रोन नहीं खरीदा है। (संवाद)
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